आजमगढ़। मा. उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं मा. जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के निर्देशों के तहत सचिव श्री अंकित वर्मा द्वारा जिला कारागार आजमगढ़ का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में जेल में 863 विचाराधीन पुरुष बंदी व 34 विचाराधीन महिला बंदी निरुद्ध हैं। वहीं, 263 पुरुष व 3 महिलाएं सिद्धदोष हैं। सचिव द्वारा जेल अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ बंदी प्रद्युम्न सिंह ने पेट दर्द की शिकायत की। इस पर जिला अस्पताल के डॉक्टर अशोक यादव को उचित इलाज हेतु निर्देशित किया गया।
मानसिक रूप से बीमार व वृद्ध बंदियों के बैरकों की स्थिति सामान्य पाई गई। अस्पताल में साफ-सफाई का समुचित प्रबंध देखा गया, जो संतोषजनक था। निरीक्षण के दौरान सचिव श्री वर्मा ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि किसी भी बंदी की समस्या का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन बंदियों के मुकदमों की पैरवी के लिए कोई अधिवक्ता नामित नहीं है, उनके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र भेजा जाए, ताकि उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता दी जा सके।
निरीक्षण के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि जनपद महराजगंज से स्थानांतरित बंदी उदय पुत्र यशवंत (थाना फरेंदा, अपराध सं. 120/17, धारा 302, 201, 394, 411 आईपीसी) की पेशी समय से नहीं हो पा रही है। इस पर सचिव ने जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि इस संबंध में प्रार्थना पत्र विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजा जाए।
निरीक्षण के समय जेल अधीक्षक आदित्य कुमार, जेलर रामनरेश गौतम, डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह, आशीष कुमार राय, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल प्रवीण कुमार सिंह, डिप्टी चीफ अतुल कुमार राय, असिस्टेंट लीगल एड संदीप कुमार यादव तथा पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
