आजमगढ़। न्यायिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा कैदियों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंकित वर्मा ने आज जिला कारागार का निरीक्षण किया।
मा0 उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ व मा0 जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय आजमगढ़ अंकित वर्मा ने जिला कारागार का निरीक्षण किया।
सर्वप्रथम कारागार में स्थापित लीगल एड क्लीनिक का जायजा लिया गया तथा जेल अधीक्षक और विजिटिंग लॉयर को प्रिजन लीगल एड क्लीनिक मानक संचालन प्रक्रिया 2022 के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जेल में साफ-सफाई का उचित प्रबंध पाया गया। बंदियों ने बताया कि उनके मुकदमों की पैरवी हेतु अधिवक्ता नामित हैं। सचिव ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि सभी सिद्धदोष बंदियों की अपील समय से उच्च न्यायालय में दाखिल कराई जाए और समयपूर्व रिहाई के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। बंदियों के हिस्ट्री टिकट पर प्रविष्टियां अद्यतन मिलीं।
सचिव ने जेल अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया कि जिन बंदियों की जमानत हो चुकी है पर शर्तें पूरी न कर पाने के कारण जेल में निरुद्ध हैं, उनका विवरण समय से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजें। निरीक्षण के दौरान शिविर लगाकर बंदियों की समस्याएं सुनी गईं और लीगल एड डिफेंस काउंसिल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक आदित्य कुमार, जेलर रामनरेश गौतम, डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह, डिफेंस काउंसिल के सदस्य व पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
