आजमगढ़।  महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित विज्ञान मंथन कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की भारी सहभागिता देखने को मिली। दूसरे दिन के आयोजन में विज्ञान, गणित और तकनीकी विषयों पर प्रस्तुतियों के जरिए प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया।

विज्ञान मंथन कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार की अध्यक्षता में हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि प्रो. राजीव प्रताप सिंह और डॉ. सर्वेश सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी के अनुसार, इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता प्रतिभागी छात्र-छात्राओं में देखने को मिली स्वस्थ प्रतिद्वंद्विता रही, जहां सभी बेहतर प्रस्तुति के लिए उत्साहित नजर आए। विज्ञान वर्ग के प्राध्यापकगण एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रखने में सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे कुलपति एवं कार्यक्रम संयोजिका डॉ. प्रियंका सिंह संतुष्ट दिखाई दीं।
अतिथियों ने विश्वविद्यालय द्वारा पूर्वांचल के छात्र-छात्राओं, विशेषकर संबद्ध महाविद्यालयों को मंच उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की। संयोजिका डॉ. प्रियंका सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम माननीय कुलपति के कुशल निर्देशन में विगत वर्ष से आयोजित किया जा रहा है, जो विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार करता है। दूरदराज के महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने भी इस मंच को अपने लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्रम एवं विश्वविद्यालय मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया और छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय उनकी प्रतिभा को उचित मंच देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
मुख्य अतिथि प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा ने गणित की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बड़े आयोजनों में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। वहीं विशिष्ट अतिथि प्रो. राजीव प्रताप सिंह ने शोध, पुस्तक संस्कृति और सामाजिक सहभागिता के महत्व पर विचार रखे। डॉ. सर्वेश सिंह ने छात्राओं की रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए ए.आई. और मशीन लर्निंग पर भी चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में विज्ञान विभाग में निर्मित विज्ञान गैलरी का लोकार्पण किया गया, रंगोली प्रदर्शनी का अवलोकन हुआ और प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। अंततः राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।