आजमगढ़। इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध ने खाड़ी देशों तक हालात को तनावपूर्ण बना दिया है। इन देशों में काम और शिक्षा के लिए गए आजमगढ़ जिले के करीब 500 युवाओं को लेकर परिजन चिंतित हैं। सोशल मीडिया और टीवी पर आ रही खबरों के बीच परिवारजन अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। श्रम विभाग ने राष्ट्रीय कौशल विकास केंद्र से प्रवासी कामगारों की सूची मांगी है।
मिली जानकारी के अनुसार इज़राइल, ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण खाड़ी देशों तक तनाव फैल गया है। जिले के सरायमीर, मुबारकपुर, लालगंज, फूलपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा इज़राइल और अन्य खाड़ी देशों में काम या शिक्षा के लिए गए हैं।
उप श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह ने बताया कि जिले के करीब 500 युवाओं के इन देशों में होने की जानकारी है। इसकी वास्तविक सूची राष्ट्रीय कौशल विकास केंद्र (एनएचडीसी) से मांगी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
फूलपुर तहसील क्षेत्र के मेजवां गांव निवासी कमर अब्बास की बेटी सुबोही फातेमा भी ईरान में रहकर उच्च इस्लामी शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। वह दो मई 2024 से ईरान के कुम शहर में पांच वर्षीय कोर्स कर रही हैं। मां निशात के अनुसार कुम हमला प्रभावित क्षेत्र से काफी दूर है, लेकिन युद्ध की खबरों से परिवार चिंतित हो गया था। फोन पर बातचीत के बाद सुबोही ने बताया कि मदरसे में फिलहाल छुट्टी कर दी गई है और वह छात्रावास में अन्य छात्राओं के साथ सुरक्षित है। मदरसा प्रबंधन की ओर से परिजनों से समय-समय पर संपर्क कराया जा रहा है।
जीयनपुर थाना के खाड़ गांव निवासी राकेश शर्मा पिछले एक वर्ष से इज़राइल में हैं। 25 फरवरी को बहन की शादी में वह शामिल नहीं हो सके। पत्नी सीमा ने बताया कि बमबारी से पहले अलर्ट मिल जाता है और सभी लोग बंकर में शरण ले लेते हैं।
मुबारकपुर क्षेत्र के आदमपुर गांव निवासी कमल चौहान मई 2024 से इज़राइल में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि सायरन बजते ही बंकर में जाना अनिवार्य है और मोबाइल पर पहले से चेतावनी संदेश मिल जाता है।
लालगंज क्षेत्र के खनियरा गांव निवासी राजू कन्नौजिया तीन वर्षों से दुबई में कार्यरत हैं। सोमवार को बेटी उजाला ने वीडियो कॉल पर पिता से बात की। राजू ने बताया कि उनके क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, हालांकि अन्य हिस्सों में मिसाइल गिरने की खबरें हैं। बेटी ने भावुक होकर कहा, “पापा, अगर फ्लाइट शुरू हो जाए तो घर आ जाइए।”
देवगांव थाना क्षेत्र के तिरौली गांव निवासी परशुराम चौहान कई वर्षों से कुवैत में रह रहे हैं। पत्नी पूनम के अनुसार कंपनी का काम बंद है और निजी तौर पर छोटे-मोटे काम कर रहे हैं। परशुराम ने फोन पर बताया कि वे सुरक्षित हैं, लेकिन लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
युद्ध के बीच अपनों की कुशलक्षेम की खबर से परिवारों को भले कुछ राहत मिल रही है, लेकिन हालात सामान्य होने तक चिंता बनी हुई है।
