आजमगढ़। दहेज हत्या के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 अजय कुमार शाही की अदालत ने शनिवार को दोषी पति को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है, जबकि पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में चार अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार बसंत राम निवासी धनार बांध, थाना जहानागंज की पुत्री कविता की शादी वर्ष 2018 में रतन उर्फ रजनीश निवासी बड़हलगंज, थाना जहानागंज के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद ससुराल पक्ष द्वारा नकद रुपये की मांग और संतान न होने को लेकर कविता का लगातार उत्पीड़न किया जाता था। बताया गया कि तीन अक्टूबर 2022 को ससुराल में कविता की फांसी लगाकर हत्या कर दी गई। इस मामले में मृतका के पिता बसंत राम ने पति रतन उर्फ रजनीश, सास ज्ञानमती, ससुर रमेश, ननद प्रियंका तथा देवर मनीष के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने जांच पूरी कर सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अभय दत्त गोंड और हरेंद्र सिंह ने अदालत में कुल 11 गवाहों को परीक्षित कराया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी पति रतन उर्फ रजनीश को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सास ज्ञानमती, ससुर रमेश, ननद प्रियंका और देवर मनीष को दोषमुक्त कर दिया।