आज़मगढ़। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय की अदालत ने सोमवार को दो दशक पुराने हत्या के मुकदमे में तीन दोषियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को ₹82 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड की आधी राशि वादी मुकदमा को दिए जाने का आदेश भी दिया है।
फरवरी 2002 में गोपालपुर विधानसभा चुनाव के दौरान हुए हमले से जुड़ा है। वादी मुकदमा हरीशंकर सिंह उर्फ झिनकू सिंह निवासी आराजी देवारा करखिया, थाना रौनापार उस समय राष्ट्रीय क्रांति पार्टी से प्रत्याशी थे।
दिनांक 17 फरवरी 2002 को वह अपने समर्थकों के साथ कुढ़ही ढाला के पास चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी पुरानी रंजिश को लेकर शिवदास यादव, दीनानाथ यादव, कमलेश यादव, दिनेश सिंह, इंद्रासन यादव सहित एक दर्जन से अधिक लोगों ने हथियारों और बमों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले में राजेश सिंह निवासी पिपरहा, थाना बिलरियागंज गंभीर रूप से घायल हुए और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। इस दौरान हरीशंकर सिंह व अन्य कई लोग भी घायल हुए। घटना की रिपोर्ट वादी ने थाना महराजगंज में नौ नामजद व चार–पांच अज्ञात लोगों के विरुद्ध दर्ज कराई थी।
पुलिस जांच के बाद अजय, कमलेश, इंद्रासन और दीनानाथ के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई, जबकि शिवदास यादव और दिनेश सिंह के विरुद्ध फरारी में चार्जशीट भेजी गई। मुकदमे के दौरान शिवदास यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, वहीं अजय और दीनानाथ की भी मृत्यु हो गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी तथा सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा ने कुल 12 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी कमलेश यादव, इंद्रासन यादव और दिनेश सिंह को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा ₹82 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा के अनुसार, आरोपी दिनेश सिंह फिलहाल बरेली जेल में बंद है, उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। उन्होंने बताया कि दिनेश सिंह पूर्व विधायक सर्वेश सिंह उर्फ सीपू हत्याकांड में भी आजीवन कारावास की सजा पा चुका है।
