
रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़ । करीब 12 वर्ष पूर्व पति द्वारा पत्नी को जलाकर मार डालने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-2 जैनुद्दीन अंसारी की अदालत ने दोषी पति को आजीवन कारावास और दस हज़ार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा राम बहादुर निवासी महरौड़ा थाना खेतासराय जनपद जौनपुर की पुत्री मीना की शादी वर्ष 2003 में प्रहलाद निवासी लसड़ा खुर्द थाना बरदह जनपद आजमगढ़ के साथ हुई थी। वर्ष 2013 में प्रहलाद ने कुछ जमीन बेची थी।जमीन बेचने से मिले रुपयों का हिसाब मांगने पर नाराज हो कर प्रहलाद ने 10 दिसंबर 2013 को मीना को मिट्टी का तेल डाल कर जला दिया। जली हुई अवस्था में मीना को जौनपुर के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।बाद में वाराणसी स्थित एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया लेकिन मीना के पिता के इलाज के लिए रुपए नहीं थे इसलिए इलाज के चार दिन बाद मीना के पिता उसे अपने घर ले गए।जहां 15 दिसंबर 2013 को मीना की मौत हो गई।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी पति के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता गोपाल पाण्डेय तथा निर्मल कुमार शर्मा ने कुल नौ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-2 जैनुद्दीन अंसारी की अदालत ने दोषी पति प्रहलाद को आजीवन कारावास और दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।