आजमगढ़। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा आज जनपद न्यायालय परिसर में वृहद/मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य जनपद के गरीब, दिव्यांग, बच्चे, महिलाएँ और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों सहित अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को चलायी जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना है।
वृहद/मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर और वाग्देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया गया। इसी क्रम में प्रथम पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / न्यायिक नोडल अधिकारी मेगा कैम्प और अन्य न्यायिक तथा प्रशासनिक अधिकारीगण ने वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष पुष्पार्चन किया।
जनपद न्यायाधीश ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया कि इस मेगा शिविर का मुख्य उद्देश्य है कि जनपद के सभी विभागों की योजनाओं से पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुँचाया जाए। इसके लिए न्यायालय परिसर में विभिन्न विभागों के कुल 34 स्टॉल लगाए गए हैं।
शिविर में लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, प्रतीकात्मक चेक, ट्राईसाइकिल, मुबारकपुर की साड़ी और निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी जैसी सामग्री वितरित की गई। इसके अलावा, जनपद न्यायाधीश ने परिसर में पौधरोपण भी किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नितिका राजन ने बताया कि इस मेगा शिविर से पहले लघु शिविरों के माध्यम से 43,432 लाभार्थियों को चयनित कर लाभान्वित किया जा चुका है। आज इस मेगा शिविर में 690 लाभार्थियों को विभिन्न विभागों के माध्यम से लाभ प्रदान किया जा रहा है। स्वास्थ्य संबंधी जन-योजनाओं का लाभ देने हेतु मेडिकल टीम का भी कैंप लगाया गया है।
शिविर में सूचना विभाग द्वारा एलईडी स्क्रीन वैन के माध्यम से नालसा द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया। साथ ही, जिला कारागार के बंदियों द्वारा बनाये गए सामानों के स्टॉल भी लगाए गए।