रिपोर्ट: आशीष निषाद
आजमगढ़ (अतरौलिया)। ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान द्वारा स्मार्ट क्लासरूम कार्यक्रम के अंतर्गत आजमगढ़ जिले के विकास खंड अतरौलिया, अहिरौला, कोयलसा, पवई एवं फूलपुर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “उज्ज्वल भविष्य के लिए बालिकाओं का सशक्तिकरण” रही।
कार्यक्रम कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के साथ-साथ संस्था द्वारा संचालित ज्ञान का पिटारा कार्यक्रम से जुड़े 11 उच्च प्राथमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं से संवाद कर शिक्षा के महत्व, आत्मनिर्भरता और समान अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कस्तूरबा गांधी विद्यालय कोयलसा की वार्डेन गीता यादव, पवई की स्नेहलता मौर्या, अतरौलिया की अनामिका कुशवाहा तथा प्राथमिक विद्यालय सरदहा के प्रधानाध्यापक राकेश सिंह सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। सभी वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही विकास की कुंजी है, जिसके माध्यम से बेटियां न केवल अपने सपनों को साकार कर सकती हैं, बल्कि समाज की सोच को भी बदल सकती हैं।
शिक्षकों ने छात्राओं को साक्षर, शिक्षित, स्वावलंबी, तकनीकी रूप से दक्ष एवं आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं संस्था की कार्यकर्ता कृष्णा ने सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श पर जानकारी देते हुए कहा कि लिंग आधारित भेदभाव की शुरुआत अनजाने में बचपन से ही हो जाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बच्चियों को गुड़िया या किचन सेट और बालकों को बंदूक या मोटर कार जैसे खिलौने देना भी भेदभाव का संकेत है।
उन्होंने समाज से लिंग आधारित असमानता का विरोध करने की अपील करते हुए कहा कि बेटियों और महिलाओं को समान अवसर एवं सुरक्षित वातावरण देना समय की मांग है। कार्यक्रम में छात्राओं को 1090, 1098, 112, 1076 एवं 1930 जैसी हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई
