रिपोर्ट: आशीष निषाद
अतरौलिया, आज़मगढ़। रविवार को स्थानीय निरीक्षण भवन में आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने अपनी जन समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और बिहार विधानसभा चुनाव में राजद-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि राजद-कांग्रेस गठबंधन हताश व निराश है और राहुल की बयानबाजी को जनता गंभीरता से नहीं लेती।
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने लेखपालों के स्थानांतरण के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री तक उठाया जा चुका है। फिलहाल साइट बंद हो चुकी है, अब अगली सीजन में ही स्थानांतरण संभव है। इस संबंध में चीफ सेक्रेटरी से पत्राचार किया गया है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद ही निर्णय स्पष्ट होगा।

बिहार विधानसभा चुनाव पर राजभर ने विपक्षी गठबंधन को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस गठबंधन निराशा और हताशा में है। प्रधानमंत्री की मां के खिलाफ मंच से अपशब्द कहना लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। राहुल गांधी की बयानबाजी अब जनता गंभीरता से नहीं लेती। यदि प्रधानमंत्री कमजोर होते तो सेना को पाक अधिकृत क्षेत्र में 100 किलोमीटर अंदर जाकर 9 आतंकवादी ठिकाने ध्वस्त करने की छूट नहीं मिलती। यह काम कांग्रेस 60 साल में कभी नहीं कर पाई।
राजभर ने कहा कि बिहार की जनता अब विकास चाहती है। नीतीश कुमार ने राज्य को जंगलराज से निकालकर सड़क, बिजली और शिक्षा जैसी सुविधाएं दीं। जनता रोजगार, स्वास्थ्य और विकास के लिए एनडीए के साथ खड़ी है। चुनाव परिणाम आने के बाद सबको साफ हो जाएगा कि जनता क्या चाहती है।
विपक्ष के चुनाव आयोग पर आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, जहां विपक्ष जीता वहां चुनाव सही, और जहां हारा वहां गड़बड़ी — यह दोहरा रवैया है। यदि जांच करानी है तो पहले सत्ता से इस्तीफा दें, सरकार में रहते हुए सरकार के खिलाफ जांच संभव नहीं।
