आजमगढ़। जिले की इटौरा जेल में बंद एक हत्या आरोपी की तबीयत बिगड़ने के बाद मंडलीय अस्पताल में मौत हो गई। बीपी लो होने की शिकायत पर अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना पर परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया, जिसे पुलिस ने शांत कराया।
मिली जानकारी के अनुसार मुबारकपुर थाना क्षेत्र के पुरूषोत्तमपुर बनकट गांव निवासी 36 वर्षीय उग्रसेन सिंह उर्फ लाडो रजनीश हत्या कांड का आरोपी था। पुलिस ने 10 दिसंबर 2025 को उग्रसेन सिंह को उसके पिता नगीना उर्फ रामनगीना सिंह, भाई इन्द्रसेन उर्फ संतोष सिंह और भीमसेन उर्फ गुलगुल सिंह के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
रविवार की शाम को जेल प्रशासन की ओर से उग्रसेन के घर फोन कर बताया गया कि उसकी तबीयत खराब है और उसे मंडलीय अस्पताल भेजा जा रहा है। करीब आधे घंटे बाद उसकी मौत की सूचना दी गई। परिजन जब मंडलीय अस्पताल पहुंचे तो उस समय वहां कोई जेल कर्मचारी मौजूद नहीं था। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर शव को मोर्चरी में रखवा दिया।
इसके बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही सीओ सिटी शुभम तोदी, नगर कोतवाली और मुबारकपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन शव देखने की जिद पर अड़े रहे। पुलिस ने परिजनों को शव दिखाकर समझाया-बुझाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
जेलर आनंद शुक्ला के अनुसार सुबह उग्रसेन सिंह ने भोजन किया था और उसकी हालत सामान्य थी। दोपहर बाद उसकी तबीयत खराब हुई और बीपी लो होने की शिकायत पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर उसे मंडलीय अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई।
