आज़मगढ़। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आज़मगढ़ के लोगों को बड़ी सौगात दी है। जिससे जिले की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और रोज़ लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए आज़मगढ़ में 1279.13 करोड़ रुपये की लागत से 15 किलोमीटर लंबा फोरलेन रिंग रोड बनाने की मंजूरी दी गई है।
इस रिंग रोड के बनने से शहर के अंदर भारी वाहनों को प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। वे इस रिंग रोड के जरिए बाहर ही बाहर दूसरे शहरों की ओर निकल सकेंगे, जिससे आज़मगढ़ शहर को जाम की गंभीर समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
लगभग 15 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन दक्षिण-पूर्व बाईपास के निर्माण पर कुल 1279.13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह रिंग रोड जनपद के 23 गांवों से होकर गुजरेगा, जिसके लिए किसानों की करीब 94.5938 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पहले ही पूरा किया जा चुका है।
शुरुआत में इस रिंग रोड को उकरौड़ा क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की योजना थी, लेकिन अब इसे बंहौर के 184 चैनेंज पर जोड़ने का निर्णय लिया गया है। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद एनएचएआई द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे अब अंतिम मंजूरी मिल गई है। इसकी जानकारी खुद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में एक फ्लाईओवर, दो इंटरचेंज, सर्विस रोड और दोनों ओर स्लिप रोड का निर्माण किया जाएगा। रिंग रोड बनने के बाद पश्चिमी तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग-28 और पूर्वी तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग-128B व पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
इससे न सिर्फ क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, बल्कि शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा। ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा बाहर से बाहर निकल जाएगा, जिससे आज़मगढ़ शहर में लगने वाले जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। व्यापार, आवागमन और आपातकालीन सेवाओं की गति भी तेज होगी।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस परियोजना को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है। माना जा रहा है कि रिंग रोड के निर्माण से आज़मगढ़ के विकास को नई रफ्तार मिलेगी और आने वाले समय में यह मार्ग जिले के लिए लाइफलाइन साबित होगा।
