आज़मगढ़। पुलिस लाइन  स्थित सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक, यातायात/नोडल अधिकारी थाना ए.एच.टी./एस.जे.पी.यू. की अध्यक्षता में विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) व थाना ए.एच.टी. (मानव तस्करी रोधी/एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित हुई।

बैठक में श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्रोहित प्रताप, अभियोजन अधिकारी अरविन्द कुमार, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष  रजनीश श्रीवास्तव, चाइल्ड लाइन से केस वर्कर  मोनी राजेश राय, वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर सरिता पाल व केस वर्कर ममता यादव, जन विकास संस्थान के विकासचंद सहित विभिन्न NGO प्रतिनिधि, आरपीएफ-जीआरपी, DCRB तथा सभी थानों के बाल कल्याण अधिकारी व SJPU/ए.एच.टी. प्रभारी निरीक्षक मौजूद रहे।

बैठक में थानों पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों/विवेचकों के समक्ष आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई। इसमें पीड़िता के आवासन, बाल गुमशुदगी, बालश्रम, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम, लैंगिक समानता, नारी शक्ति, किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 8, 54, 94, गैंगेस्टर एक्ट की धारा 27 तथा पोक्सो एक्ट की धारा 18, 20, 27, 34 आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। निर्देश दिया गया कि पोक्सो एक्ट के अभियोग पंजीकरण के 24 घंटे के भीतर CWC को सूचित करना अनिवार्य है। पुलिस द्वारा फार्म ए व बी भरना, जे.जे. एक्ट के अंतर्गत सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट तैयार करना, नाबालिग पीड़ित/पीड़िता का मेडिकल सादे वस्त्रों में कराना तथा न्यायालय किशोर न्याय बोर्ड में रिमांड की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई।

साथ ही यह भी तय किया गया कि पोक्सो व जुवेनाइल संबंधी मामलों में प्रेस विज्ञप्ति देते समय पीड़िता अथवा बाल अपचारी की पहचान व व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाए। वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं की निगरानी से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया गया और समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।