आज़मगढ़ । 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मण्डलायुक्त विवेक ने आयुक्त कार्यालय पर ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज का अभिवादन किया और सभी उपस्थित लोगों के साथ सामूहिक रूप से राष्ट्रगान किया। कार्यालय सभागार में आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए मण्डलायुक्त ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने बिना किसी भेदभाव और सहयोग के देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी और अपने प्राणों की आहुति देकर देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में कई कुरीतियां और अंधविश्वास मौजूद हैं, जिनसे लोगों को आज़ाद कराने की हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

मण्डलायुक्त ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि स्वतंत्रता संग्राम और अमर शहीदों के योगदान को याद रखते हुए हमें समाज में उनके आदर्शों को जीवित रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आज का दिन केवल स्वतंत्रता का ही नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आत्ममंथन का दिन भी है। हमें यह सोचने की आवश्यकता है कि हमारे पूर्वजों के सपनों को साकार करने में हम कितना योगदान दे पाए हैं और देश के अंतिम व्यक्ति तक आजादी का एहसास कैसे पहुंचा सकते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अपने परिवार, पड़ोस और गांव में स्वतंत्रता संग्राम और वीर शहीदों के बारे में जानकारी साझा करें, ताकि नई पीढ़ी में आजादी के महत्व की समझ बढ़ सके।

इससे पूर्व मण्डलायुक्त की पत्नी प्रियंका ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूर्वजों के त्याग और बलिदान से मिली आजादी के महत्व को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई गलत पाया जाए, उसका विरोध करना चाहिए और यह संघर्ष अपने घर से भी शुरू किया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन पूर्व सूचना अधिकारी रियाज़ आलम ने किया। समारोह में स्थानीय जीजीआईसी की छात्राओं ने सामूहिक रूप से ‘सलाम उन शहीदों को जो खो गये, वतन को जगा कर वो खुद सो गये’ गीत प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने सराहा। कार्यक्रम में अपर निदेशक, अभियोजन बीपी पाण्डेय, शासकीय अधिवक्ता ओपी पाण्डेय, सहायक शासकीय अधिवक्ता अजीत सिंह और रामप्रकाश त्रिपाठी ने भी संबोधित किया।

मण्डलायुक्त के पुत्रगण अभिज्ञान आनन्द और सिद्धार्थ सोहम, जीजीआईसी की अध्यापिकाएं और छात्राओं सहित कार्यालय के समस्त कर्मचारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। मण्डलायुक्त ने कहा कि आजादी मिलना सबसे बड़ा वरदान है और स्वतंत्रता दिवस सबसे बड़ा पर्व है।