आज़मगढ़। महाराष्ट्र के पालघर जिले के नायगांव इलाके में एक सैलून में कथित तौर पर देशविरोधी गाना बजने से उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यह सामने आया कि सैलून संचालक  आज़मगढ़ जिले का रहने वाला है। पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए सैलून संचालक को गिरफ्तार कर लिया। मामले को लेकर जहां हिंदू संगठनों में आक्रोश है, वहीं आज़मगढ़ में आरोपी का परिवार खुद को बेगुनाह बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। आरोपी की पहचान सामने आने के बाद पुलिस के कान खड़े हो गए और घटना के हर पहलू की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

महाराष्ट्र के पालघर जिले से सटे वसई के नायगांव ईस्ट इलाके में बीते बुधवार को उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब चिंचोटी स्थित ‘रुहान हेयर कटिंग सैलून’ से कथित रूप से ‘कश्मीर बनेगा पाकिस्तान’ जैसा देशविरोधी गाना तेज आवाज में बजता हुआ सुना गया। उस समय पुलिस की टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान सैलून से आ रही आवाज पर संदेह हुआ। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो पाया कि सैलून संचालक 25 वर्षीय अब्दुल रहमान शाह अपने ब्लूटूथ स्पीकर पर यूट्यूब के जरिए उक्त गाना चला रहा था।
पुलिस के मुताबिक, यह गाना देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को चुनौती देने वाला था और इससे समाज में शांति भंग होने की आशंका थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी अब्दुल रहमान शाह ने दावा किया कि वह यूट्यूब पर गाने सुन रहा था और यह गाना ऑटो-प्ले में चल गया। हालांकि पुलिस इस दलील की भी बारीकी से जांच कर रही है।


इस बीच जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गौरी का रहने वाला है। जैसे ही यह जानकारी गांव तक पहुंची, परिवार में डर और दहशत का माहौल बन गया।

परिजनों के अनुसार, अब्दुल रहमान आठ भाइयों में सातवें नंबर पर है। उसके पिता सदरुद्दीन शाह करीब 20 वर्ष पहले दूसरी शादी कर अलग रह रहे हैं और परिवार से उनका कोई संपर्क नहीं है। घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते अब्दुल रहमान बचपन में ही अपने अन्य भाइयों के साथ रोज़गार की तलाश में मुंबई चला गया था, जहां वह सैलून में काम कर रहा था।

घटना की जानकारी मिलने के बाद आरोपी की मां रोती-बिलखती नजर आईं। उनका कहना है कि उनका बेटा न तो पढ़ा-लिखा है और न ही इस तरह के राष्ट्रविरोधी विचार रखता है।

वहीं आज़मगढ़ में रहकर ऑटो चलाकर परिवार की जीविका चलाने वाले उसके सगे बड़े भाई ने आरोप लगाया कि उसके भाई को फंसाया गया है और सरकार से मांग की कि निष्पक्ष जांच कर उसे छोड़ा जाए।

मामले को लेकर गांव के ग्राम प्रधान ने भी परिवार का बचाव करते हुए कहा कि आरोपी और उसका परिवार कभी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं रहा है और वह केवल रोज़गार के लिए मुंबई गया था।