आजमगढ़। जिले में चले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद मंगलवार को मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन कर दिया गया। एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में एएसडी (डेथ, शिफ्टेड, डबलिंग और अपसेंट) मतदाता पाए जाने के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव हुआ है।
एसआईआर के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ा बदलाव
एसआईआर अभियान के दौरान मिले 5 लाख 66 हजार 606 एएसडी वोटरों के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए हैं। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद अब जिले के दस विधानसभा क्षेत्रों में कुल 31 लाख 47 हजार 652 मतदाता रह गए हैं। वर्ष 2025 की मतदाता सूची के अनुसार जिले में कुल 37 लाख 14 हजार 258 मतदाता पंजीकृत थे।
चार नवंबर से शुरू होकर 26 दिसंबर तक चला अभियान
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान चार नवंबर से शुरू किया गया था। पहले इस अभियान को चार दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन बाद में आयोग ने एक सप्ताह का समय बढ़ाकर अंतिम तिथि 11 दिसंबर और फिर 26 दिसंबर निर्धारित कर दी। मतदाताओं के पुनरीक्षण कार्य के लिए जिले में 4387 बीएलओ के साथ 445 सुपरवाइजरों की तैनाती की गई थी।
घर-घर जाकर गणना, फॉर्म भरवाने और डिजिटाइजेशन का कार्य
गणना कर्मियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं को दो प्रतियों में गणना प्रपत्र वितरित किए। प्रपत्र भरवाने, जमा कराने और बीएलओ एप पर डिजिटाइजेशन का कार्य किया गया। बीएलओ और सुपरवाइजरों की निगरानी में चले एसआईआर अभियान के तहत कुल 37 लाख 14 हजार 258 पंजीकृत मतदाताओं के सापेक्ष 84.74 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा हुआ। इसके तहत 31 लाख 47 हजार 652 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों की मैपिंग की गई।
एएसडी वोटरों का पूरा विवरण सामने आया
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान जिले में कुल 15.26 प्रतिशत मतदाता एएसडी श्रेणी में पाए गए। इनमें 1 लाख 2 हजार 383 मतदाता मृत पाए गए, जो कुल मतदाताओं का 2.76 प्रतिशत है। वहीं 1 लाख 23 हजार 984 वोटर यानी 3.34 प्रतिशत अनुपस्थित मिले।
इसके अलावा 2 लाख 63 हजार 695 मतदाता, जो 7.10 प्रतिशत हैं, स्थायी रूप से स्थानांतरित पाए गए। 47 हजार 894 मतदाता यानी 1.29 प्रतिशत डबलिंग श्रेणी में मिले, जबकि 28 हजार 650 मतदाता अन्य श्रेणी में शामिल रहे। इस प्रकार कुल 5 लाख 66 हजार 606 एएसडी वोटरों के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए।
1 लाख 58 हजार 627 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी
करीब 52 दिन तक चले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान 1 लाख 58 हजार 627 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी, जो कुल मतदाताओं का 4.27 प्रतिशत है। ऐसे मतदाताओं को संबंधित रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी की जाएगी। नोटिस में सुनवाई के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का नाम, पदनाम और स्थान अंकित रहेगा। नोटिस मिलने के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित 13 विकल्पों के तहत साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे, जिसके बाद ही मतदाता सूची में नाम जोड़ा जाएगा।
24 हजार से अधिक युवाओं ने वोटर बनने के लिए भरा फार्म
मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत जिले के दस विधानसभा क्षेत्रों में करीब 24 हजार 473 युवाओं ने मतदाता बनने के लिए फार्म-6 घोषणा पत्र के साथ आवेदन किया है। इन युवाओं की आयु एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरी हो रही है। भरे गए घोषणा पत्र में वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। ऐसे मतदाताओं को नागरिकता प्रमाणित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अलग से नोटिस नहीं भेजा जाएगा।
नोटिस मिलने पर ये दस्तावेज होंगे मान्य
नोटिस जारी होने की स्थिति में नागरिकता और पहचान के लिए केंद्रीय या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम के पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, परिवार रजिस्टर की प्रति, सरकारी आवंटित भूमि या मकान का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड सहित आयोग द्वारा मान्य दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने का अवसर
मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन के बाद छह फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। जिनका नाम छूट गया है वे फार्म-6 भर सकते हैं। नाम हटाने के लिए फार्म-7 और नाम या पते में संशोधन के लिए फार्म-8 भरा जाएगा। सभी आवेदन घोषणा पत्र के साथ जमा करने होंगे।
मेंहनगर में सबसे ज्यादा, निजामाबाद में सबसे कम मतदाता
आलेख्य प्रकाशन के बाद जारी मतदाता सूची के अनुसार जिले में सबसे अधिक मतदाता मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र में 3 लाख 52 हजार 373 दर्ज हैं, जबकि सबसे कम मतदाता निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 85 हजार 549 हैं। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में अतरौलिया, गोपालपुर, सगड़ी, मुबारकपुर, आजमगढ़, फूलपुर-पवई, दीदारगंज और लालगंज में भी मतदाताओं की संख्या तय की गई है।
डीईओ पोर्टल पर उपलब्ध है मतदाता सूची
ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद जिले की विधानसभावार मतदाता सूची जिला निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल डीईओ आजमगढ़ पर उपलब्ध है। इसके अलावा बीएलओ पदाभिहित अधिकारी, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में भी मतदाता सूची देखी जा सकती है।
