आजमगढ़। जिले में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन हो रहे हमलों से आमजन दहशत में है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर नियंत्रण के दावे ज़मीनी हकीकत से दूर नजर आ रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, जनवरी माह के महज 13 दिनों में आजमगढ़ जिले में आवारा कुत्तों के हमलों में 1190 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। वहीं बंदरों के हमलों में करीब 600 लोग जख्मी हुए हैं। इन घटनाओं में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। बढ़ते मामलों का सीधा असर जिला अस्पताल की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में पीड़ित इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिला अस्पताल की ओपीडी में फिलहाल 288 एंटी रेबीज वायल उपलब्ध हैं, जबकि स्टोर में 7840 वायल का स्टॉक मौजूद है। इसके बावजूद बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

दूसरी ओर, प्रशासन द्वारा आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनकी नसबंदी कराने और सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने की योजनाएं कई बार बनाई गईं, लेकिन न तो नियमित अभियान चलाया गया और न ही प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जा सकी।


योजनाओं के अमल में कमी का नतीजा यह है कि आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और आमजन उनके हमलों का शिकार हो रहा है।