
रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़। जिला कारागार के सरकारी खाते से करीब चार माह पूर्व 52.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। संगठित रूप से सरकारी धन के गबन में शामिल 6 अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। सभी आरोपी फिलहाल जिला कारागार में बंद हैं।
सिधारी थाना क्षेत्र के इटौरा में स्थित जिला कारागार आजमगढ़ के सरकारी खाते से बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया था। दस अक्टूबर 2025 को वरिष्ठ अधीक्षक जिला कारागार आदित्य सिंह द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि अभियुक्तों ने आपसी मिलीभगत कर जेलर के फर्जी व कूटरचित हस्ताक्षर बनाते हुए चेकबुक के माध्यम से अलग-अलग तिथियों में कुल 52 लाख 85 हजार रुपये की अवैध निकासी की।
इस मामले में कोतवाली थाने में पहले ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की गई थी।
जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर कुल 6 अभियुक्तों की संलिप्तता सामने आई। विवेचना में यह भी सामने आया कि गबन की गई धनराशि से अभियुक्त रामजीत यादव द्वारा बुलेट और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी गई थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगचार्ट तैयार कर जिलाधिकारी आजमगढ़ और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की संयुक्त बैठक में अनुमोदन के बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह आर्थिक और अवैध लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से संगठित अपराध में लिप्त था। सभी अभियुक्त वर्तमान में जिला कारागार आजमगढ़ में निरुद्ध हैं और उनके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
