रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में बीती रात पुलिस और गोतस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में गोकशी की घटना को अंजाम देने वाले दो बदमाश घायल होकर गिरफ्तार किए गए। मौके से एक पिकअप वाहन, प्रतिबंधित पशु, अवैध तमंचे व कारतूस बरामद किए गए हैं, जबकि दो अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
बीती रात थाना सरायमीर पुलिस क्षेत्र में गश्त व वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम डेमरी मकदुमपुर में पूर्व में हुई गोकशी की घटना में शामिल शातिर गोतस्कर दोबारा एक पिकअप वाहन में गोवंश लादकर दीदारगंज–सरायमीर मार्ग से गांव की ओर जा रहे हैं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सरायमीर मय पुलिस बल ने सिकरौर सहबरी के आगे घेराबंदी कर वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाश अवरोधक तोड़ते हुए भाग निकले।
पुलिस ने पीछा कर घेराबंदी की तो बदमाश पिकअप छोड़कर पैदल भागते हुए पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने लगे। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद जब फायरिंग जारी रही तो आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जबकि दो आरोपी फरार हो गए।
घायल अभियुक्तों की पहचान रफीक उर्फ टोनी पुत्र रसीद निवासी डेमरी मकदुमपुर, थाना सरायमीर तथा राहुल यादव पुत्र दिनेश यादव निवासी गरावपुर, थाना दीदारगंज के रूप में हुई है। घायलों को इलाज के लिए सीएचसी फूलपुर भेजा गया है।
पूछताछ में फरार आरोपियों के नाम सलमान पुत्र मिट्ठन कुरैशी एवं मन्नान पुत्र मिट्ठन कुरैशी निवासीगण शेरवा, थाना सरायमीर बताए गए हैं।
पुलिस ने मौके से एक पिकअप वाहन, एक प्रतिबंधित पशु, दो तमंचा, कारतूस, सहित नगद धनराशि व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि ये आरोपी संगठित गिरोह के रूप में जौनपुर बॉर्डर से सटे क्षेत्रों से प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर डेमरी मकदुमपुर लाते थे और गोकशी कर अवैध मांस की बिक्री कर रकम आपस में बांटते थे। साथ ही बीते 16 दिसंबर को हुई गोकशी की घटना में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
