
रिपोर्ट: अरुण यादव
आज़मगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के निर्देशन और साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की मुहिम के तहत पुलिस की तत्परता से पीड़ितों को न सिर्फ राहत मिली, बल्कि आमजन का भरोसा भी बढ़ा है। रविवार को आज़मगढ़ पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 40 हजार रुपये वापस कराए। इसमें एक मामला 20वीं वाहिनी पीएसी में तैनात कर्मी से जुड़ा हुआ है।
पहला मामला थाना बरदह क्षेत्र का है। ग्राम बरदह निवासी अखिलेश प्रजापति के मोबाइल पर एक शख्स ने फोन कर खुद को सरकारी अधिकारी बताते हुए फर्जी मुकदमे की धमकी दी और बचने के नाम पर रुपये मांगे। घबराकर पीड़ित ने 25,000 रुपये ऑनलाइन भेज दिए। इसके बाद उसने NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर हेल्प डेस्क टीम ने थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई करते हुए रुपये होल्ड कराए और न्यायालय के आदेश पर पीड़ित के खाते में वापस जमा करा दिए।
दूसरा मामला थाना रौनापार का है। यहां अमित यादव, जो वर्तमान में 20वीं वाहिनी पीएसी में तैनात हैं, गलती से अपने मित्र को भेजने के बजाय 15,000 रुपये किसी और के खाते में ट्रांसफर कर बैठे। तत्काल उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर थाना रौनापार की साइबर टीम ने सक्रियता दिखाते हुए रुपये SBI बैंक में होल्ड कराए और खाता धारक से संपर्क स्थापित कर मात्र एक दिन बाद 15,000 रुपये सुरक्षित रूप से अमित यादव के खाते में वापस करा दिए।
