आजमगढ़ । जिले में गोतस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बीती रात पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले के निजामाबाद और फूलपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस और गोतस्करों के बीच दो अलग-अलग मुठभेड़ हुई। दोनों घटनाओं में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिसमे से दो तस्कर गोली लगने से घायल हो गए। इनके कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, चापड़, मोबाइल और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
निजामाबाद थाना पुलिस रंगभरी होली के मद्देनजर क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। देर रात पुलिस को सूचना मिली कि गोवध निवारण अधिनियम के मुकदमे में वांछित अभियुक्त मेराज अपने साथी नासिर के साथ बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से छुट्टा पशुओं की तलाश में नेवादा की ओर जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने नेवादा पुल के पास घेराबंदी की।
कुछ देर बाद संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार वहां पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे भागने लगे। पीछा किए जाने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने कई बार आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन बदमाश फायरिंग करते रहे। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मेराज के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल मेराज को नेवादा पुल के पास झाड़ियों से गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया, जबकि उसका साथी नासिर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से अवैध तमंचा, कारतूस, मोबाइल, 840 रुपये नगद और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है।
सीओ सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार मेराज एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है और उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट, गैंगेस्टर समेत 17 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं दूसरी मुठभेड़ फूलपुर थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस को सूचना मिली कि मुडियार गांव के पास पुलिया के निकट कुछ संदिग्ध लोग किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश आमिर के बाएं पैर में गोली लग गई, जबकि उसके दो साथी साकिब और युसुफ को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस, दो चापड़ और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
सीओ फूलपुर किरन पाल सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सुनसान स्थानों पर गोवंश पकड़कर उनका अवैध वध करते थे और मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए अवशेषों को नदी या नालों में फेंक देते थे।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
