रिपोर्ट: अरुण यादव

आज़मगढ़। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले सोमवार को कर्मचारियों ने डॉ. आंबेडकर डिपो कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। परिषद के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने क्षेत्रीय प्रबंधक पर वादा खिलाफी का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में हुई वार्ता में जिन समस्याओं को सुलझाने का आश्वासन दिया गया था, वे अब तक अधूरी हैं।

धरने की अध्यक्षता संगठन के क्षेत्रीय मंत्री पिएं सिंह ने की। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को क्षेत्रीय प्रबंधक के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में यह स्पष्ट किया गया था कि डॉ. आंबेडकर डिपो में लिपिक पद पर तैनात बीसी, जो मजदूर संघ से जुड़े हैं, उन्हें 19 जुलाई तक हटाया जाएगा। यह वादा लिखित रूप में भी दिया गया था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे कर्मचारियों में जबरदस्त नाराजगी फैल गई।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि किसी भी संगठन विशेष से जुड़े व्यक्ति को महत्त्वपूर्ण पद पर बनाए रखना नियमों का उल्लंघन है। यह पक्षपातपूर्ण रवैया कर्मचारियों के साथ अन्याय है, जिसे लेकर वे मजबूरीवश धरने पर बैठे हैं।

पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए एआरएम बीआर गौतम ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि बीसी गौरव दीक्षित को डॉ. आंबेडकर डिपो के समयपाल परिचालक पद से हटाने का निर्देश जारी कर दिया गया है। अब उन्हें वरिष्ठ केंद्र प्रभारी से संपर्क कर अगली ड्यूटी लेनी होगी।