
लखनऊ। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्या विरोध की आड़ में हम अपनी जड़ों से दूर हो रहे हैं? वाराणसी में नव संवत्सर के पावन अवसर पर शंकराचार्य ने आलोचना करते हुए कहा कि गाय हमारी माता है। उनके शरीर से हमें सुगंध मिलती है, उनके द्रव्य पदार्थ हमें पोषण देते हैं। अगर अखिलेश को गोमाता से दुर्गंध आती है, तो यह उनका दुर्भाग्य है।
सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान जानिए
बीती 27 मार्च को अखिलेश यादव कन्नौज में एक 1108 कुण्डीय महायज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान इन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के लोग दुर्गंध पसंद करते हैं, इसलिए गोशाला बना रहे हैं। हम सुगंध पसंद करते थे, इसलिए इत्र पार्क बना रहे थे। इसके साथ ही कहा कि अगर मैं कहूं कि मेरे आदर्श योगी हैं, तो हम पगला जाएंगे। यह बयान उनके पिता मुलायम सिंह यादव के दिखाए रास्ते पर चलने की बात के साथ खत्म हुआ।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बोला हमला
अखिलेश यादव के बयान के बाद संत समाज में आक्रोश बढ़ने लगा शंकराचार्य ने इस बयान को उनकी ही जाति और संस्कृति के लिए शर्मिंदगी का सबब बताया और कहा कि गाय हमारी माता है। उनके शरीर से हमें सुगंध मिलती है, उनके द्रव्य पदार्थ हमें पोषण देते हैं। अगर अखिलेश को गोमाता से दुर्गंध आती है, तो यह उनका दुर्भाग्य है। शंकराचार्य ने नसीहत देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक मर्यादा होती है, और यह इतना नहीं बढ़ना चाहिए कि मां ही बुरी लगने लगे।
इन्होंने कहा कि इत्र भारत की परंपरा का हिस्सा नहीं है। यह आक्रमणकारियों के साथ आई विदेशी विधा है, जो उनकी महफिलों में सुगंध बिखेरती थी। हमारे लिए तो गोमाता के द्रव्य पदार्थ ही पवित्र और पोषक हैं। वाराणसी में औरंगजेब के नाम पर मौजूद औरंगाबाद मोहल्ले का नाम बदलने की चर्चा पर शंकराचार्य ने बड़ा प्रस्ताव रखा। कहा, सिर्फ एक औरंगाबाद का नाम ही नहीं बल्कि देश के हर उस मोहल्ले गांव और शहर का नाम बदला जाए जो मुस्लिम आक्रमणकारियों के नाम पर है।