आजमगढ़। बिजली व्यवस्था को पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से आजमगढ़ जोन की चारों सर्किलों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। हालांकि इस अभियान में आजमगढ़ द्वितीय सर्किल की प्रगति अन्य सर्किलों की तुलना में कमजोर बताई जा रही है। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को सही बिजली बिल मिलने के साथ ही विभाग को भी राजस्व वसूली में सुविधा मिल रही है।

मिली जानकारी के अनुसार आजमगढ़ जोन की चारों सर्किलों में पिछले डेढ़ साल के दौरान कुल 2.77 लाख उपभोक्ताओं के परिसर में पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जबकि जोन में विभिन्न भार के कुल 14.55 लाख उपभोक्ता हैं, जिनके यहां भविष्य में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं।
बताया गया कि आजमगढ़ द्वितीय सर्किल में अब तक केवल 26 हजार स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके हैं, जिससे इस सर्किल की प्रगति अपेक्षाकृत खराब मानी जा रही है।


स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी हैदराबाद की जीएमआर कंपनी को सौंपी गई है। कंपनी द्वारा लगाए गए मीटरों में से बड़ी संख्या को प्रीपेड मोड में भी बदला जा रहा है। इससे विभाग को यह सुविधा मिल रही है कि बिजली बिल जमा न करने वाले उपभोक्ताओं की आपूर्ति कार्यालय से ही काटी जा सकती है।


मुख्य अभियंता इंजीनियर रामबाबू ने बताया कि अब तक लगाए गए 2.77 लाख स्मार्ट मीटरों में से 1.66 लाख मीटर प्रीपेड किए जा चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार आजमगढ़ प्रथम सर्किल में 39,626, आजमगढ़ द्वितीय में 7,119, बलिया में 64,605 और मऊ सर्किल में 55,073 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि शेष उपभोक्ताओं के यहां भी चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।