रिपोर्ट: अरुण यादव

आज़मगढ़। पूर्व ब्लाक प्रमुख और समाजवादी पार्टी के नेता इसरार अहमद ने शुक्रवार को रानी की सराय स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने योगी सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में धार्मिक स्थल नहीं बल्कि वोट खोजने की राजनीति हो रही है।

उन्होंने कहा कि बुलडोजर चलना गलत नहीं है, लेकिन यह कार्रवाई संविधान और कानून के दायरे में होनी चाहिए। अगर कोई अवैध निर्माण है, किसी ने अपराध किया है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो यह उचित है, मगर संविधान से बाहर जाकर की गई कार्रवाई लोकतंत्र और न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

मस्जिद में मंदिर नही वोट तलाशा जा रहा है

इसरार अहमद ने कहा कि आज सत्ता की राजनीति वोट की खोज में लगी है। आज मस्जिद के अंदर मंदिर नहीं खोजा जा रहा है बल्कि वोट खोजा जा रहा है। जनता को जाति और धर्म के आधार पर परेशान किया जा रहा है ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके।उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार PDA के वोटों की बदौलत सत्ता में आई, मगर उन्हीं वर्गों को प्रताड़ित कर रही है। उनका कहना था कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव ही PDA की सच्ची आवाज बनकर उनकी बात उठा रहे हैं और लोकतंत्र में यही विपक्ष की जिम्मेदारी है कि गलत को गलत और सही को सही कहा जाए।

नए कानूनों से लाभ नहीं

सपा नेता ने भाजपा सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कानूनों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन कानूनों से किसी भी वर्ग को लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि समाज में भ्रम और विभाजन बढ़ेगा। सरकार केवल यह साबित करना चाहती है कि वही सही है और बाकी सब गलत हैं।

पूर्व प्रमुख के अनुसार, पूरे देश में इस समय वोट काटने और बांटने की राजनीति चल रही है। छोटे-छोटे मुद्दे उठाकर लोगों का ध्यान भटकाने और समाज को बांटने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि आम जनता सिर्फ अपने वोटर लिस्ट और बुनियादी जरूरतों पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।

एमपी एमएलए का लापता पोस्टर लगाना गलत

निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र में सपा सांसद और विधायक के लापता पोस्टर लगाए जाने के सवाल पर इसरार अहमद ने अपने नेताओं का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सड़कें बनवाना सांसद या विधायक का नहीं बल्कि सरकार और विभागों का काम है। जनता चाहे तो अपने सांसद-विधायक से सवाल कर सकती है, लेकिन उन्हें गायब बताना गलत है। उनके घर जाकर 8-10 लोग सीधे सवाल पूछें। लेकिन पोस्टर लगाकर बदनाम करना सही तरीका नहीं है।

जिले के राजा जिलाधिकारी होता है

सपा नेता ने कहा कि किसी जिले का असली राजा वहां का जिलाधिकारी होता है। उसका कर्तव्य है यह देखना कि जनता सुखी है या दुखी। विधायक या सांसद मुद्दे उठाने का काम करते हैं, लेकिन निर्णय लेने और लागू करने की जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होती है।इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सांसद दरोगा सरोज ने सड़क की समस्या उठाई थी, जिस पर गडकरी ने साफ कहा कि बिना पार्टी नेतृत्व और शीर्ष स्तर की मंजूरी के कोई काम संभव नहीं है। गडकरी ने यह भी कहा कि प्रस्ताव जिलाधिकारी के माध्यम से आगे बढ़ेगा, और आगे कार्रवाई उन्हीं पर निर्भर है।

वोट की राजनीति हावी

इसरार अहमद ने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में वोट की राजनीति चरम पर है। हर कार्रवाई और हर कदम चुनावी गणित को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता को जाति–धर्म के आधार पर परेशान करना ही आज की राजनीति का मकसद बन गया है।