आजमगढ़। ‘अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत-2025’ के ऐतिहासिक आयोजन को लेकर जनपद में उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में नेपाल के मधेशी आयोग के प्रथम प्रमुख आयुक्त डॉ. विजय कुमार दत्त और मॉरीशस की भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन की चेयरपर्सन डॉ. वर्षारानी विशेष्वर ‘दुल्चा’ आजमगढ़ पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार ‘अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत-2025’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए नेपाल के मधेशी आयोग के प्रथम प्रमुख आयुक्त डॉ. विजय कुमार दत्त आजमगढ़ पहुंचे। वहीं मॉरीशस से भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन की चेयरपर्सन डॉ. वर्षारानी विशेष्वर ‘दुल्चा’ भी विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने जनपद में पहुंचीं।
डॉ. विजय कुमार दत्त ने पत्रकारों से बातचीत में आजमगढ़ को तमसा तट पर बसा प्राचीन नगर बताते हुए कहा कि यहां आयोजित हो रहा अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम अद्भुत और ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि भाषा और संस्कृति को जोड़ने वाला यह आयोजन भारत और नेपाल के संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा।


उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत भौगोलिक रूप से दो देश हैं, लेकिन सांस्कृतिक रूप से एक आत्मा से जुड़े हुए हैं। दोनों देशों का रिश्ता वैदिक और रामायणकालीन है, जिसे भोजपुरी भाषा और संस्कृति और गहराई प्रदान करती है।
भोजपुरी की माटी पर कदम रखते ही अतिथियों का राष्ट्रीय कला सेवा संस्थान के पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों द्वारा फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया। स्वागत समारोह में अंतरराष्ट्रीय मुख्य संयोजक अरविंद चित्रांश, संगोष्ठी प्रभारी डॉ. प्रिया तिवारी, कवि सम्मेलन प्रभारी डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, कवि सम्मेलन संचालक संजय पाण्डेय ‘सरस’, संरक्षक सदस्य सारिका श्रीवास्तव, कृष्ण मोहन त्रिपाठी, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष लालगंज सूरज कुमार श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।


बताया गया कि राष्ट्रीय कला सेवा संस्थान अपने 25वें वर्ष के उपलक्ष्य में 22 दिसंबर को स्थानीय हरिऔध कला केंद्र में सुबह 11 बजे से ‘अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत-2025’ और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन करेगा। इस दौरान शोध पत्रों का वाचन, पारंपरिक चित्रकला प्रदर्शनी और ‘बिटिया की विदाई’ जैसे लोकनाट्यों का मंचन भी किया जाएगा। रूस, इटली, तुर्की, थाईलैंड, दुबई और सऊदी अरब सहित कई देशों से भोजपुरी प्रेमी और विद्वान भी आयोजन में शामिल होंगे।