आजमगढ़।  जिलाधिकारी के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राहुल विश्वकर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी रणनीति पर चर्चा हुई।

अभिहित अधिकारी सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा 563 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 49 प्रतिशत नमूने फेल पाए गए। इस अवधि में 213 खाद्य कारोबारियों पर कुल ₹40,73,000 का जुर्माना लगाया गया तथा 3 कारोबारियों को कारावास और ₹11,000 के जुर्माने की सजा न्यायालय से दिलाई गई।

उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ईट राइट इंडिया इनिशिएटिव योजना के तहत अब तक 76 कारोबारियों को 3 से 5 स्टार हाईजीन रेटिंग प्रदान की जा चुकी है। वहीं, 822 खाद्य कारोबारियों को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर फॉस्टैक प्रमाणपत्र दिया गया है। इसके साथ ही 3035 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 2494 रसोइयों को भी खाद्य सुरक्षा विषयक प्रशिक्षण दिया गया।

अपर जिलाधिकारी (प्रशा.) ने विभाग को जागरूकता बढ़ाने पर बल देने और आवश्यकतानुसार प्रवर्तन कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी पका हुआ भोजन परोसा जा रहा है, जैसे विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और अस्पतालों के कैंटीन वहां भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए।

साथ ही उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और मंडी समिति के प्रतिष्ठानों को लाइसेंस या पंजीकरण के दायरे में लाने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से आशा और एएनएम कार्यकत्रियों को भी खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।

अपर जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि बाल सुधार गृह, अनाथालय और वृद्धाश्रमों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित कराई जाए और संबंधित सूची खाद्य सुरक्षा विभाग को उपलब्ध कराई जाए।

औषधि निरीक्षक सीमा वर्मा ने बताया कि औषधि निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर सुधारात्मक निर्देश दिए गए हैं तथा नशीली औषधियों की रोकथाम हेतु सघन निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि औषधि प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।