आजमगढ़। जिले में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अपराधी सत्यापन, शस्त्र लाइसेंस धारकों की जांच और संवेदनशील गांवों की पहचान के साथ ही पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। अब तक 63 से अधिक शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं।


जिले में करीब 24 हजार से अधिक शस्त्र लाइसेंस धारक हैं। पुलिस द्वारा सभी लाइसेंसधारकों के पिछले पांच वर्षों के आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। इस दौरान 63 से अधिक ऐसे लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जिनके खिलाफ बीते पांच वर्षों में विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज पाए गए।
पुलिस के मुताबिक, बिजली चोरी, पारिवारिक विवाद और सड़क दुर्घटनाओं जैसे मामलों को अलग रखते हुए अन्य अपराधों को श्रेणीवार सूचीबद्ध किया जा रहा है। वहीं हिस्ट्रीशीटर और संगीन अपराधों में शामिल व्यक्तियों को अलग श्रेणी में रखकर उनके खिलाफ चुनाव से पहले सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस ने जिले के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील गांवों की पहचान भी शुरू कर दी है। पूर्व के प्रधानी चुनावों के दौरान जिन गांवों में मारपीट या तनाव की घटनाएं हुई थीं, उन्हें संवेदनशील और अतिसंवेदनशील की श्रेणी में चिह्नित किया जा रहा है। इसके साथ ही जातीय सियासत और सामाजिक तनाव की आशंका को देखते हुए भी गांवों की संवेदनशीलता का आकलन किया जा रहा है।

शस्त्र लाइसेंस सत्यापन अभियान के तहत पुलिस टीमें लाइसेंसधारकों के घर-घर पहुंचकर जांच कर रही हैं। इस दौरान शस्त्र के साथ लाइसेंसधारक की फोटो भी ली जा रही है, ताकि रिकॉर्ड को अपडेट किया जा सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।


एसएसपी डॉ अनिल कुमार ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपराधिक मामले दर्ज मिलने पर 63 शस्त्र धारियों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। अभी सत्यापन चल रहा है और आगे भी कई लाइसेंस निलंबित हो सकते हैं।