आज़मगढ़। प्रदेश की योगी सरकार के आश्वासन के बाद भी शिक्षक टेट की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला आजमगढ़ द्वारा अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ (AIPTF) के आह्वान पर शुक्रवार को डीएवी इंटर कॉलेज मैदान में विशाल प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘RTE एक्ट’ लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए TET अनिवार्यता का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दो दशक से सेवा दे रहे लाखों शिक्षकों के सामने रोज़गार संकट खड़ा हो गया है।
शिक्षक नेता वेदपाल सिंह ने कहा कि पहले भी केन्द्र सरकार ने ऐसा कानून लाने की कोशिश की थी, लेकिन विरोध के कारण RTE लागू होने से पहले शिक्षकों को छूट दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से प्रदेश में करीब 2 लाख और देश मे दस लाख शिक्षकों का भविष्य दांव पर है।
प्रांतीय महामंत्री एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने बताया कि संगठन का प्रतिनिधिमंडल केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, खाद्य एवं रसद मंत्री प्रहलाद जोशी तथा केन्द्रीय मंत्री कुमारास्वामी से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग कर चुका है। साथ ही AIPTF विधिक परामर्श के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट से भी राहत पाने की कोशिश में है।
राष्ट्रीय काउंसलर मंजूलता राय ने कहा कि 20–25 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को अपनी दक्षता साबित करने को कहना अपमानजनक है।
वहीं माध्यमिक शिक्षक संघ के मंत्री नरेन्द्र सिंह ने आश्वासन दिया कि वे प्राथमिक शिक्षकों के संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।जिलामंत्री जितेंद्र कुमार राय ने प्रधानमंत्री और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से कानून बनाकर शिक्षकों की रोज़ी-रोटी बहाल करने की मांग की और आत्महत्या जैसा कदम न उठाने की अपील की।
।अंत में भारी संख्या में जुटे शिक्षकों ने जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रेट और विकास भवन शिक्षकों की भीड़ से खचाखच भरा रहा।
