
आज़मगढ़।UPCCSCR परीक्षा में साल्वर बिठाने वाले गैंग के वांछित दो अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
गुरुवार को SI उमेश चन्द्र यादव मय हमराह द्वारा वांछित अभियुक्त सूर्यकान्त कुशवाहा उर्फ मन्टु पुत्र बलिराम सिंह कुशवाहा निवासी अन्धऊ थाना कोतवाली जनपद गाजीपुर को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा बताये अनुसार एक अन्य अभियुक्त बबलू यादव पुत्र किशोर सिंह यादव ग्राम अन्धऊ थाना कोतवाली जनपद गाजीपुर को भी उसके घर से गिरफ्तार किया गया।
बता दें कि प्रोफेसर अफसर अली (केन्द्राध्यक्ष) प्रिंसिपल शिब्ली नेशनल कालेज आजमगढ़ द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र कि शिब्ली नेशनल कालेज परीक्षा केन्द्र में संचालित की जा रही UPCCSCR : 2024-25 परीक्षा में दिनांक 04 जनवरी 2025 को प्रथम पाली की परीक्षा में कक्ष संख्या- 103 में अनूप सागर पुत्र वीरेन्द्र कुमार ग्राम मऊपारा, देवकली गाज़ीपुर सामिलित हुआ। उक्त अभ्यर्थी का आधार वेरिफिकेशन प्रक्रिया में KYC अपडेट न हो पाने के कारण डाटा का मिलान नहीं हो पा रहा था, अतः संदेहवश जब पूछा गया तो पहले स्वीकार करने से मना कर दिया एवं स्वयं को अनूप सागर पुत्र वीरेन्द्र कुमार बताया परन्तु जब परीक्षा केन्द्र पर तैनात पुलिस बल की सहायता से सख्ती से पूछताछ की गयी तो उक्त सम्मिलित अभ्यर्थी ने अपना सही नाम विकास कुमार पुत्र राम आसरे प्रसाद निवासी असनिया कुवा, थाना कदम कुवा, पटना, बिहार बताया। अनूप सागर पुत्र वीरेन्द्र कुमार के स्थान पर फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा में सम्मलित विकास कुमार पुत्र राम आसरे प्रसाद ने यह भी बताया कि कुछ पैसों के बदले उसने यह काम किया है।
]]>आज़मगढ़। शहर कोतवाली व एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा सोमवार को बाग लखराव पुल के पास से प्रतियोगी परीक्षाओं के अंतर्राज्यीय साल्वर गैंग के मुख्य आरोपित समेत कुल चार आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से एक कार, छह मोबाइल, एक कूटरचित आधार कार्ड, तीन एडमिट कार्ड व एक प्रश्न पुस्तिका बरामद किया। वहीं फरार 6 आरोपितों की पुलिस तलाश कर रही है।
सोमवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने बताया कि पकड़े गए आरोपी रामप्रवेश यादव निवासी चितावन पट्टी थाना जमानिया जनपद गाजीपुर ने बताया कि दुर्गेश तिवारी बिहार के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों के स्थान पर बैठने के लिए साल्वर की व्यवस्था कराता है। इसमें विक्की कुमार की सहायता से परीक्षार्थियों के आधार कार्ड में फोटो परिवर्तित कराकर साल्वर को बैठने के लिए भेजता है। राम प्रवेश यादव ने यह भी बताया कि वर्ष 2021 के पूर्व से ही नौकरी दिलाने के लिए लोगों को फंसाता था और उनसे डील करके उनके स्थान पर साल्वर को बैठाकर परीक्षा दिलवाता था। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के स्थान पर साल्वर बैठाकर फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने का कार्य सभी लोग मिल करते हैं । बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है। अपने संगठित गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर पूर्व से ही फर्जी तरीके से प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थी के स्थान पर साल्वर को बैठाकर यह कार्य सभी मिल कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थी के स्थान पर साल्वर को बैठाने के नाम पर लगभग 5 से 10 लाख रुपये में डील तय होती थी। इसमें से दो लाख रुपये परीक्षा देने से पहले व शेष रुपये परीक्षा देने के बाद लिए जाते थे। उक्त कार्य में दुर्गेश तिवारी मुख्य भूमिका अदा करता था। दुर्गेश तिवारी बिहार से साल्वर व फर्जी आधार कार्ड तैयार कराकर प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिए साल्वर की व्यवस्था करता है। बताया कि उत्तर प्रदेश में वह, सुनील कन्नौजिया, बबलू यादव, श्रवण कुमार यादव, सूर्यकांत कुशवाहा उर्फ पिंटू प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिए परीक्षार्थियों व कंडीडेट की तलाश कर उनके साथ डील कर दुर्गेश तिवारी के साथ मिलकर योजना बनाकर फर्जी तरीके से परीक्षार्थियों के स्थान पर साल्वर बैठाने का कार्य किया जाता है। पुलिस ने बताया कि चार जनवरी को बिहार के कदम कुआं पटना थाना क्षेत्र के असनिया कुआं निवासी साल्वर विकास कुमार उर्फ राकेश कुमार बिहार को गिरफ्तार किया गया। पांच जनवरी को गाजीपुर जनपद के नंदगंज थाना क्षेत्र के मऊपारा देवकली गांव निवासी अनुप सागर को गिरफ्तार किया गया जो पक्षार्थी है। वहीं, छह जनवरी को गाजीपुर जनपद के जमानिया थाना क्षेत्र के चितावन पट्टी गांव निवासी रामप्रवेश यादव, गाजीपुर के शहर कोतवाली चौकिया निवासी सुनील कन्नौजिया, बिहार के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के इस्लामपुर निवासी साल्वर अंकित गुप्ता व गाजीपुर जनपद के सादात थाना क्षेत्र के डोरा गांव निवासी अमित कुमार कन्नौजिया को गिरफ्तार किया।
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