आजमगढ़। जिले के शहर कोतवाली स्थित बवाली मोड पर सोमवार की देर शाम एक अधिवक्ता की बेकाबू कार ने तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन लोग घायल हो गए। तीनों घायलों को आसपास के लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान एक अधिवक्ता की मौत हो गई जबकि दो घायलों का इलाज चल रहा है।
मृतक अधिवक्ता की पहचान शंकर सिंह 70 के रूप में हुई। मृतक अधिवक्ता दीदारगंज थाना क्षेत्र के सुरहान गांव के रहने वाले थे, और पैदल अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी। मामले की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के उकरोड़ा गांव के रहने वाले अधिवक्ता संतोष सिंह अपनी स्विफ्ट कार से जा रहे थे। जैसे ही बवाली मोड़ के पास पहुंचे की अनियंत्रित हुई कार ने तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी।
इस हादसे में रोडवेज के बाबू अमरेश राय, कलेक्ट्रेट के वकील शंकर सिंह और एक साइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया जिसके बाद तीनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जहां इलाज के दौरान अधिवक्ता शंकर सिंह की मौत हो गई।
पुलिस ने डेड बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही अधिवक्ता की मौत की सूचना परिजनों को भी दे दी गई है। अधिवक्ता शंकर सिंह आजमगढ़ जिले में किराए के मकान में रहते थे। मृत अधिवक्ता का घर दीदारगंज थाना क्षेत्र के सुरहान में है।
]]>आजमगढ़। जिले के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव निवासी अधिवक्ता ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर लिया। सुसाइट नोट में अधिवक्ता ने अपनी पत्नी को इसका जिम्मेदार बताया है।
मिली जानकारी के अनुसार मुन्ना सिंह यादव 32 पुत्र नेमई यादव पेशे से अधिवक्ता थे। पत्नी रेनू से विवाद होने पर पत्नी ने महिला हेल्पलाइन नम्बर पर शिकायत किया। पति एयर पत्नी को 112 नम्बर पुलिस कोतवाली ले गयी। आत्मग्लानि होने पर अधिवक्ता ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। जिसके बाद अधिवक्ता की तबियत बिगड़ गई। परिजनों द्वारा फूलपुर में स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से रिफर होने पर शाहगंज ले जाते समय रास्ते मे ही मौत हो गयी।
अधिवक्ता के बड़े भाई हीरालाल यादव ने फूलपुर कोतवाली में पत्नी के खिलाफ तहरीर दी है। अधिवक्ता मुन्ना सिंह यादव ने सुसाइट नोट में अपनी पत्नी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। अधिवक्ता की शादी फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के मिया करीमपुर में में हुई थी। अभी 12 अक्टूबर को दोगा आया था। घटना के बाद मृतक की पत्नी रेनू यादव अपने मायके वालों के साथ मायके चली गयी। मृतक तीन भाइयों में बीच का था।
कोतवाली प्रभारी शशीचंद चौधरी ने बताया कि बड़े भाई हीरालाल यादव द्वारा तहरीर मिली है। परिवार का आरोप है कि पत्नी द्वारा पडताडित करने के कारण उसने ऐसा कदम उठाया है।
]]>