आजमगढ़। जिले के हरिहरपुर गांव में मंगलवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब निर्माणाधीन संगीत महाविद्यालय के सामने बने एक मकान पर आजमगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह करीब पांच बजे अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
बताया जा रहा है कि संबंधित मकान का निर्माण बिना नक्शा पास कराए किया जा रहा था, जिसे अवैध निर्माण की श्रेणी में रखा गया। इस मामले में 21 तारीख को आजमगढ़ विकास प्राधिकरण द्वारा नोटिस चस्पा कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तय समय सीमा के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया। इसके बाद नियमों के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
जिस भूमि पर यह मकान बना था, वह सतीश और ब्रिजेश गौंड की है, जो भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी भी बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार सतीश और ब्रिजेश गौंड की कुछ भूमि संगीत महाविद्यालय के निर्माण में चली गई थी, जिसके बदले प्रशासन द्वारा उन्हें दूसरी भूमि उपलब्ध कराई गई थी।
सुबह-सुबह बुलडोजर चलने की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जुट गई और कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर चल रहा।
जिलाधिकारी एवं उपाध्यक्ष आज़मगढ़ विकास प्राधिकरण रविन्द्र कुमार ने बताया कि उ.प्र. विकास प्राधिकरण केंद्रीकृत सेवा के सहायक अभियंता (सिविल) प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ जनसामान्य, जनप्रतिनिधियों एवं आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
आरोप है कि इन शिकायतों पर उन्होंने प्रभावी कार्रवाई नहीं की और मानचित्रों की संस्तुति या निरस्तीकरण यादृच्छिक तरीके से किया। साथ ही अपने पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता प्रदर्शित करते हुए शासकीय कार्यों के निष्पादन में सत्यनिष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता का पालन नहीं किया।
इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने उ.प्र. विकास प्राधिकरण केंद्रित सेवा नियमावली-1985 के नियम-33 एवं उ.प्र. सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-4 के तहत कार्यवाही करते हुए श्री श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के लिए शासन से स्वीकृति प्राप्त की, जिसे माननीय राज्यपाल ने सहर्ष अनुमोदित किया है।