मिली जानकारी के अनुसार निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा उम्मा के पूरा गांव में रामसकल यादव और बुझावन यादव के बीच कई वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। यह मामला चकबंदी जहानागंज में विचाराधीन है। विवाद बढ़ने पर प्रकरण एसडीएम चंद्रप्रकाश सिंह के समक्ष पहुंचा, जिन्होंने हल्का लेखपाल से रिपोर्ट तलब की। रिपोर्ट के आधार पर रामसकल यादव के पक्ष में आदेश जारी करते हुए एसएचओ निजामाबाद, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को कब्जे की भूमिधरी पर अवैध कब्जा रोकने के निर्देश दिए गए थे।शुक्रवार की सुबह विवादित गाटा पर बोए गए गन्ने की कटाई को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो बढ़ते-बढ़ते तनाव में बदल गई। सूचना मिलते ही फरिहा चौकी प्रभारी चित्रांशु मिश्रा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान विपक्षी पक्ष की महिलाएं महिला पुलिसकर्मियों से उलझ गईं और खींचतान की स्थिति बन गई।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए दो पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया।
सीओ सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि दो पक्षो में बैनामे की भूमि को लेकर विवाद हुआ । सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुची। उन्होंने दावा है कि पुलिस से झड़प नहीं हुई है। पुलिस ने मौके से दो लोगो को गिरफ्तार किया है और शांति व्यवस्था कायम है।
]]>यह वही अपराधी है जिसने तीन दिन पूर्व रात में रहिला तितलियापार निवासी गौतम कुमार की DJ दुकान का शटर काटकर मशीनें, स्पीकर, मिक्सर व अन्य उपकरण चोरी किए थे और अपने साथियों संदीप कुमार व आदित्य कुमार के साथ मिलकर चोरी का माल मंगई नदी किनारे झाड़ियों में छिपाया था।
सीओ लालगंज भूपेश पांडेय ने बताया कि शुक्रवार रात किसान जूनियर हाईस्कूल, अहिआई के पास माल बेचने की फिराक में खड़े आरोपी ने घेराबंदी कर रही पुलिस टीम पर फायर कर दिया, जिस पर आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने दुकानों को निशाना बनाकर चोरी करने और भारी उपकरण बोरी में भरकर छिपाने की अपनी पूरी योजना बताई।
गिरफ्तार राजेश के खिलाफ चोरी, लूट, धोखाधड़ी, कूटरचना, BNS की गंभीर धाराओं तथा आर्म्स एक्ट सहित कोतवाली, मुबारकपुर, निजामाबाद, फूलपुर, रानी की सराय और मेहनगर थानों में 10 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
]]>आज़मगढ़। यूपी कॉप ऐप से FIR डाउनलोड कर पीड़ितों की जानकारी जुटाकर QR कोड के जरिए ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गैंग का आज़मगढ़ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। साइबर सेल और थाना जहानागंज की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश सहित छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, तेलंगाना, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र और ओडिशा तक फैली साइबर ठगी में शामिल पाए गए। आरोपियों से फर्जी पुलिस परिचय पत्र, आधार कार्ड, मोबाइल और सिमकार्ड भी बरामद हुए, जो इनके हाई-टेक नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।
मामला तब सामने आया जब बीते 25 नवंबर को झौवा, मेहनगर निवासी सविता ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर कॉल कर एक व्यक्ति ने खुद को सिपाही रंजीत बताते हुए कहा कि उनकी लापता लड़की मिल गई है और उसे लेने जा रहे हैं। कॉलर ने तुरंत QR कोड पर 24,000 रुपये भेजने का दबाव बनाया। भय और जल्दबाज़ी में वादिनी ने किसी तरह 22,000 रुपये भेज दिए, जिसके बाद कॉलर ने नंबर बंद कर दिया। इस पर थाना जहानागंज में मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के दौरान सर्विलांस और साइबर सेल को महत्वपूर्ण इनपुट मिले, जिसके आधार पर मंगलवार को थानाध्यक्ष जहानागंज अतुल कुमार मिश्रा की टीम ने आज़मगढ़ रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर से दो संदिग्ध व्यक्तियों अंकित यादव और दीनदयाल यादव निवासीगण टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे UPCOP ऐप से एफआईआर डाउनलोड कर पीड़ितों का नाम-पता निकलते थे। बाद में इंटरनेट के जरिए ग्राम प्रधानों या संबंधित व्यक्तियों के नंबर ढूंढते थे और फिर पुलिसिया दबाव या मदद के बहाने अलग-अलग QR कोड भेजकर ठगी करते थे।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दो मोबाइल, एक फर्जी पुलिस आईडी, चार फर्जी आधार कार्ड, एक टूटा जियो सिम और दो टूटे एयरटेल सिम बरामद किए। आरोपियों के मोबाइल में कई जिलों की डाउनलोड FIR मिलीं, जिससे इनके संगठित नेटवर्क की पुष्टि होती है।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि NCRP जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह की गतिविधियों से जुड़ी साइबर शिकायतें उत्तर प्रदेश में 15, जबकि छत्तीसगढ़, दिल्ली, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और ओडिशा में 1-1 मामले से लिंक मिलीं। कुल मिलाकर 11 राज्यों में 26 साइबर क्राइम लिंक सामने आए हैं, जो इस गैंग की इंटर-स्टेट सक्रियता को दर्शाते हैं।
]]>गौरतलब है कि प्रभारी मंत्री अनिल राजभर का स्वागत करने के लिए भाजपा कार्यकर्ता अमौड़ा टोल प्लाजा पर एकत्र हुए थे। मंत्री के काफिले में आगे बढ़ने के दौरान वाहनों के साइड को लेकर निखिल राय और अमन श्रीवास्तव के बीच बहस हुई थी, जो बाद में नेहरू हॉल में पहुंचकर मारपीट का रूप ले ली।
मामले की जानकारी होते ही पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ता चला गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाते हुए निखिल राय, अमन श्रीवास्तव, समर प्रताप सिंह और आशीष को हिरासत में लेकर नगर कोतवाली ले आई। वहां भी दोनों गुटों में फिर झड़प हो गई थी। मामले में कोतवाली में करीब दो घंटे तक पंचायत चली लेकिन दोनों गुटो के दिल नही मिलें और कोई हल नहीं निकल सका।
इधर घटना से प्रभारी मंत्री भी परेशान नजर आए। जीएसटी के गणित के फायदे को गिनाने पहुचे मंत्री जी यहां पार्टी के पदाधिकारियों के बचाव की गणित गिनाने में जुट गए।
प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने इसे भाजपा का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि यह हमारे परिवार का मामला है, हम इसे बैठकर सुलझा लेंगे। रही बात हरैया अविश्वास प्रस्ताव में आरोप-प्रत्यारोप की तो यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कराया गया था। क्षेत्रीय अध्यक्ष या किसी अन्य पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह गलत हैं। यह विरोधी पक्ष की चाल है।
वहीं, नगर कोतवाली प्रभारी यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि दो गुटों में खींचतान और धक्का-मुक्की हुई थी। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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