बताते चलें कि बीते 27 मार्च को एक पीड़िता ने कोतवाली थाने में तहरीर दी कि सुजीत सिंह उर्फ भकोले, प्रदीप सिंह और अजीत सिंह ने रंगदारी के लिए 50 हजार रुपये की मांग की और उसकी जवान बेटियों को उठा ले जाने की धमकी दी। रविवार रात 12 बजे ये लोग तमंचा लेकर पीड़िता के घर पहुंचे, जबरन दरवाजा खुलवाया और तमंचा दिखाकर रंगदारी मांगी। बच्चों के शोर मचाने पर पड़ोसियों की आवाज सुनकर आरोपी गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। इस आधार पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया। विवेचना के दौरान आरोपी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से तीन अप्रैल 2025 को गैर-जमानती वारंट जारी किया गया।
बीते सोमवार को एसएसपी हेमराज मीणा ने आरोपी सुजीत उर्फ भकोले की गिरफ्तारी के लिए 25 हज़ार का इनाम घोषित किया। बताया जा रहा है कि पुलिस की बढ़ती घेराबंदी को देख आज इनामी सुजीत सिंह उर्फ भकोले ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह की अदालत में सरेंडर कर दिया।
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आजमगढ़। अंतरराज्यीय लुटेरा व डी-27 गैंग का सरगना, जालसाज तथा जनपद स्तर पर चिन्हित टाप टेन अपराधी मो0 उमेर उर्फ बादशाह ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। शातिर अपराधी मोहम्मद उमेर उर्फ बादशाह पुत्र शमशाद मुस निवासी संजरपुर थाना सरायमीर, आजमगढ़ के द्वारा पूर्व में लूट व रंगदारी की कई घटनाए की गयी थी। 10 जून 2015 को अभियुक्त उमैर द्वारा अपने साथियों इन्द्रभान उर्फ इन्दु व रईश के साथ मिलकर वशिक अहमद पुत्र याकूब निवासी पवई लाडपुर थाना सरायमीर जो ईसार पेट्रोल पम्प के मैनेजर थे का तीन लाख 81 हजार रुपया लूट लिया गया। 27 जून 2015 को उमैर द्वारा सह अपराधी मो0 सारिक व मो0 सलमान के साथ मिलकर संजय कुमार पुत्र जियालाल निवासी अरारा थाना गम्भीरपुर की बहन का चैन छिनकर भाग गये। इसी तरह बेलाल अहमद पुत्र अब्दुल अव्वल निवासी चकिया थाना सरायमीर से उमैर व सलमान द्वारा मोबाईल फोन से 40 हजार रुपया रंगदारी मांगी गयी और न देने पर हत्या की धमकी दी गयी। इन विभिन्न मामलों में पुलिस द्वारा मुकदमा कर कार्रवाई की जा रही है। अभियुक्त मो उमेर पर अन्य प्रान्तों में भी कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है। जिसमें वह फरार चल रहा है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त मोहम्मद उमेर उर्फ बादशाह एक शातिर अपराधी है। अभियुक्त के विरूद्ध लूट, रंगदारी, धोखाधड़ी, हत्या का प्रयास अन्य जघन्य अपराधों में जनपद आजमगढ़ व राजस्थान में कुल 19 मुकदमें पंजीकृत है। इन मुकदमो में अभियुक्त उमैर न्यायालय से जमानत के बाद फरार चल रहा था, तथा जमानत पर बाहर रहकर इसके द्वारा डी-27 गैंग का संचालन किया जा रहा था तथा आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस के लगातार दबिश में दबाव के कारण इसके द्वारा न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया है।
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