दिसंबर 2022 में हुए दिल्ली नगर निगम के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 250 सीटों में से 134 सीटों पर जीत हासिल की थी। निगम में 15 साल से सत्ता में बरकरार रही भाजपा को केवल 104 सीटों पर ही सफलता मिली थी। लेकिन बाद में आम आदमी पार्टी के कई पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया तो कुछ विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर विधायक बन चुके हैं। इस समय दिल्ली नगर निगम में कई सीटें रिक्त हैं क्योंकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित भाजपा-आम आदमी पार्टी के कई पार्षद विधायक बन चुके हैं। लेकिन इन परिस्थितियों में नगर निगम के सदन में भाजपा का बहुमत हो गया है। माना जा रहा है कि इसी कारण आम आदमी पार्टी ने चुनाव से हटने का निर्णय कर लिया।
निभाएंगे जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका- आप
आम आदमी पार्टी नेता आतिशी मारलेना ने कहा कि उनकी पार्टी नगर निगम चुनाव के मेयर पद का चुनाव नहीं लडे़गी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पूरे देश में विपक्ष के नेताओं-सांसदों-विधायकों को तोड़ने की कोशिश करती है। उनकी पार्टी के भी कई नेताओं-पार्षदों को तोड़ने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी नगर निगम चुनाव में अपना मेयर प्रत्याशी नहीं खड़ा करेगी, लेकिन जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली के विकास की पूरी जिम्मेदारी भाजपा पर है क्योंकि उसकी केंद्र, प्रदेश और नगर निगम तीनों जगहों पर कब्जा है।
आजमगढ़। आम आदमी पार्टी के उ०प्र० प्रान्त के मीडिया प्रभारी इं० सुनील कुमार यादव ने अपने आवास पर प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि भाजपा की केन्द्र व प्रदेश सरकार हर मामले में पूरी तरह से फेल साबित हो रही है। विद्युत व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है, इतना ही नहीं लगाये गये बिजली उपकरणों के पुराने होने के चलते लो वोल्टेज और फाल्ट की समस्याएं आम बात हो गयी हैं। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा कई ब्लाकों का सर्वे कराया गया जिसमें करीब 1200 लोगों की समस्याओं के बारे में पता चला जिनकी पूरी बिल जमा करने के बाद कुछ ही दिनों में भारी भरकम बिल का मैसेज आता है जब वह इसके बावत विभाग में संपर्क करने जाते हैं तो पता चलता है बिल मैसेज आई बिल का कई गुना है। ऐसी शिकायतें आये दिन होती रहती हैं। सरकार जहां व्यवस्था सुधारने के नाम पर इलेक्ट्रानिक, प्रीपेड मीटर लगा रही है वहीं इन सब संसाधनों के आने के बाद समस्याएं घटने के बजाय बढ़ना शुरू हो गयी हैं। इं० सुनील कुमार यादव ने बताया कि कहीं-कहीं तो यह भी मामला सामने आया है कि मीटर लगाया पर बिजली का कनेक्शन जोड़ा नहीं लगाया और बिल आ गयी।
हाल ही में बीते चुनाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में अधिकारी, कर्मचारी से लेकर पूरा चुनाव तंत्र भारतीय जनता पार्टी की मुट्ठियों में रहकर काम करता है नतीजा चुनाव परिणाम में नजर आता है। उन्होंने बताया कि कहीं-कहीं तो अबकी बार ऐसा भी हुआ है जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया वहां भी इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार को भारी वोट मिले हैं। उप्र में होने वाले उपचुनाव में कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जिसमें यह साफ दिखाई दिया कि पुलिसकर्मियों द्वारा हाथ में पिस्तौल लहराते हुए वोटरों को वोट देने से रोका गया, सीएम योगी और चुनाव आयोग द्वारा उन पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई भी की गई। अब यहां सवाल यह उठता है कि जब वोट देने से रोका गया तो कार्रवाई के साथ चुनाव क्यों नहीं निरस्त किया गया। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि सत्ताधारी राज्यों में भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए हर हथकण्डा अपनाया और चुनाव की ड्यूटी में लगे कर्मचारी सहित सुरक्षा कर्मियों ने उसका साथ दिया।
संभल में हुए दंगे के सवाल पर उन्होंने कहा कि सिर्फ संभल को ही क्यों मुद्दा बनाया जा रहा है, प्रदेश में तमाम दंगे हुए हैं, जो यह साबित कर रहे हैं कि योगी सरकार हर मुद्दे पर पूरी तरह विफल है। उन्होंने कहा कि बिजली सहित तमाम मुद्दों को लेकर वह निवर्तमान सांसद दिनेश लाल निरहुआ से मुलाकात किये थे लेकिन कोई भी सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया। इस समय वर्तमान में इण्डिया गठबन्धन के सांसद धर्मेन्द्र यादव से भी उनकी मुलाकात हुई, जिसके बाद सांसद धर्मेन्द्र यादव द्वारा बैठक के माध्यम से समस्याओं के बावत सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित भी किया गया। इं० सुनील कुमार यादव ने कहा कि उनके द्वारा जनहित से जुड़ी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई जायेगी। आजमगढ़ में कंपनियों से लेकर बाहरी निवेश पर पूरा फोकश किया जायेगा जिससे की जनपद का विकास हो सके।

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वह पहले ही कथित शराब घोटाले के आरोप में तिहाड़ में बंद हैं। अब उन पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस से राजनीतिक चंदा लेने का आरोप लगा है।
दिल्ली के उपराज्यपाल ने इसकी एएनआई जांच की सिफारिश कर दी है। सूत्रों के मुताबिक उपराज्यपाल को शिकायत मिली है कि आम आदमी पार्टी ने सिख फॉर जस्टिस से 16 मिलियन डॉलर का फंड लिया है। उपराज्पाल को लिखे पत्र में बताया गया है कि यह चंदा कट्टर खालिस्तानी समर्थक देवेंद्र पाल भुल्लर की रिहाई में मदद करने और खालिस्तानी भावनाओं को बढ़ावा देने के एवज में मिला है।
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दिल्ली। केद्रीय गृहमंत्री व भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दिग्गज नेता अमित शाह के फेक वीडियो को वायरल करने के मामले में ताबतोड़ कार्रवाई की जा रही है.। गुजरात के पालनपुर के पास से सतीश वर्सोला नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
वह कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी का पीए है। वहीं, आरबी बारिया को लिमखेड़ा से गिरफ्तार किया गया । वह आम आदमी पार्टी के दाहोद जिला अध्यक्ष हैं। वीडियो को एक राजनीतिक ग्रुप में वायरल किया गया था।
कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी का कहा, ‘मैं अपने जीवन में कभी भी फर्जी वीडियो या फर्जी प्रचार का समर्थक नहीं हो सकता। मैं ऐसे सभी कार्यों की निंदा करता हूं… लेकिन चुनाव के दौरान किसी को भी चुनिंदा रूप से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए…सतीश मेरे भाई की तरह हैं और मैं मुझे उसके जैसा दोस्त होने पर गर्व है, लेकिन वह ऐसा व्यक्ति नहीं है जो जानबूझकर बुरे इरादों के साथ कुछ भी करता हो. मैं उसे 6 साल से करीब से जानता हूं.’
वहीं, दिल्ली पुलिस ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भी तलब किया है. कांग्रेस नेता को 1 मई को दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट (साइबर यूनिट) के सामने अपने मोबाइल फोन के साथ पेश होने के लिए कहा गया है. उनसे मामले की आगे की जांच के लिए फोन सहित अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा करने की अपील की गई है। असम पुलिस ने बताया कि उन्होंने मामले के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और 2 मोबाइल फोन के साथ एक लैपटॉप जब्त किया है. शख्स का नाम रीतॉम सिंह है।
बीजेपी ने की चुनाव आयोग से शिकायत
बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने चुनाव प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए अमित शाह का एक फेक वीडियो वायरल किया है। बीजेपी ने कांग्रेस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया विभाग के प्रभारी अनिल बलूनी सहित बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि कांग्रेस एक फर्जी और छेड़छाड़ किए गए वीडियो के माध्यम से पूरी चुनाव प्रक्रिया को पटरी से उतारना चाहती है।
मुंबई में कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
वहीं, मुंबई पुलिस ने फर्जी वीडियो साझा करने के आरोप में महाराष्ट्र युवा कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल और 16 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला सोमवार को बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स साइबर पुलिस स्टेशन में मुंबई बीजेपी पदाधिकारी प्रतीक कार्पे द्वारा दायर एक शिकायत पर दर्ज किया गया।
वीडियो में क्या किया गया वायरल?
बीजेपी के मुताबिक, यह फुटेज तेलंगाना में 2023 के भाषण का था, जहां गृह मंत्री ने राज्य में मुसलमानों के लिए 4 प्रतिशत ‘असंवैधानिक’ आरक्षण के बारे में बात की थी। हाल ही में गृह मंत्री का एक एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था, जिसमें उन्हें एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण खत्म करने का वादा करते हुए दिखाया गया था। कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सोशल मीडिया हैंडल ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि बीजेपी आरक्षण खत्म करने की तैयारी कर रही है। इस वीडियो के संबंध में एक शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी।
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