अतरौलिया (आजमगढ़)। ऑनलाइन ठगी और गलत ट्रांजैक्शन के बढ़ते मामलों के बीच आजमगढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना अतरौलिया की साइबर हेल्पडेस्क ने सक्रियता दिखाते हुए एक पीड़ित के खाते से कटे रुपयों में से 9,200 रुपये वापस करा दिए हैं। धनराशि वापस पाकर पीड़ित ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के चिश्तीपुर निवासी मोहित कुमार पुत्र पथरु के साथ बीते 20 जून 2025 को एक ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के दौरान तकनीकी चूक हो गई थी। गलत पेमेंट होने के कारण उनके खाते से कुल 20,200 रुपये कट गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिस पर साइबर पोर्टल पर मामला पंजीकृत किया गया।
शिकायत मिलते ही थाना अतरौलिया की साइबर हेल्पडेस्क टीम हरकत में आई। उपनिरीक्षक अभिषेक यादव और कंप्यूटर ऑपरेटर आशीष कुमार की टीम ने तत्काल बैंक से संपर्क कर ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया और पीड़ित की कुल धनराशि में से 9,200 रुपये होल्ड करा दिए। न्यायालय से फंड रिलीज ऑर्डर प्राप्त होने के बाद, संबंधित बैंक के माध्यम से यह धनराशि पुनः मोहित कुमार के खाते में भेज दी गई। शेष धनराशि की वापसी के लिए भी विधिक प्रयास जारी हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, थाना सिधारी क्षेत्र के शाहगढ़ निवासी छात्र मुलायम चौहान पुत्र रामजनम चौहान टेलीग्राम ऐप पर प्राप्त एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के बाद साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। इस दौरान उनके बैंक खाते से ₹18,481.90 की धनराशि कट गई। पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने पर थाना सिधारी की साइबर टीम ने साइबर सेल आजमगढ़ की तकनीकी सहायता से त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी।
वहीं, थाना मुबारकपुर क्षेत्र के ग्राम कटरा निवासी सूरज कुमार पुत्र नन्दलाल गुप्ता से 18 अगस्त 2025 को गलती से ₹18,422 की रकम किसी अन्य के खाते में ट्रांसफर हो गई थी। इस मामले में पीड़ित ने NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही थाना मुबारकपुर की स्थानीय साइबर क्राइम टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पूरी धनराशि वापस कराई।
पुलिस द्वारा दोनों पीड़ितों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए आवश्यक परामर्श भी दिया गया। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध के प्रमुख कारणों में गलत खाते या क्यूआर कोड पर पैसा ट्रांसफर करना, जल्दबाजी में ऑनलाइन भुगतान करना, फर्जी लिंक या कॉल पर भरोसा करना और डिजिटल लेनदेन की जानकारी का अभाव शामिल है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि पैसे ट्रांसफर करने से पहले खाता विवरण की जांच करें, अनजान लिंक या क्यूआर कोड से भुगतान न करें, किसी को भी ओटीपी, पिन या पासवर्ड साझा न करें। किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत लेनदेन रोकें और साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
आजमगढ़। जिले में ऑनलाइन क्रय-विक्रय ऐप के जरिए मोबाइल बेचने के नाम पर की गई ठगी के मामले में कोतवाली पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है।
मामला थाना कोतवाली जनपद आजमगढ़ का है। वादी अमन निषाद पुत्र विजय निषाद, निवासी कोलपाण्डेय, थाना कोतवाली आजमगढ़ ने बीते 23 नवंबर को थाने में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उन्होंने पुराने सामानों के ऑनलाइन क्रय-विक्रय ऐप पर मोबाइल खरीदने के लिए संपर्क किया था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने चैटिंग ऐप के माध्यम से संपर्क कर ₹4500 में मोबाइल देने की बात कही। आरोपी ने अग्रिम धनराशि तो ले ली, लेकिन मोबाइल न देकर धोखाधड़ी कर ली।
इस संबंध में थाना कोतवाली पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान प्रकाश में आए अभियुक्त सचिन यादव पुत्र लक्षिराम यादव, मूल निवासी ग्राम अमठा गोपालपुर थाना जहानागंज जनपद आजमगढ़, हाल पता बगदासी सोहबतबाग थाना चिरैयाकोट जनपद मऊ को पुलिस ने शुक्रवार को दोपहर ग्राम चिरैयाकोट से गिरफ्तार किया।गिरफ्तार अभियुक्त को आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय भेज दिया गया है।
]]>आज़मगढ़। जिले के थाना सिधारी पुलिस ने साइबर फ्रॉड के शिकार एक व्यक्ति को ₹9,000 की धनराशि वापस कराया।
रानी की सराय थाना क्षेत्र के ग्राम मोलनापुर माफी गांव निवासी राजतिलक यादव पुत्र अमर ने बताया कि उनके घर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पुत्र को फोन कर स्वयं को परिचित बताते हुए ₹9,000 ऑनलाइन मंगवा लिए। बाद में जब उन्हें धोखाधड़ी का पता चला तो उन्होंने NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद थाना सिधारी की साइबर टीम ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित बैंक व एजेंसी से समन्वय स्थापित कर पूरी धनराशि वापस कराई।