सौरिख कस्बा के नगरिया तालपार निवासी इंद्रपाल क्षेत्र में जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक थे। उनकी पत्नी सीमा पाल परिषदीय विद्यालय में शिक्षिका थीं। 26 नवंबर 2020 को इंद्रपाल का घर में खून से लथपथ शव मिला था।
पिता ने दर्ज कराई थी हत्या की रिपोर्ट
पिता श्रीकृष्ण ने बहू सीमा पाल, उसके भाई हुसेपुर तुर्कन निवासी मनोज कुमार, कर्री निवासी अशोक पाल, उसके बड़े भाई राजेश कुमार के खिलाफ इंद्रपाल की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
ड्राइवर से थे अवैध संबंध
इसमें बताया था कि बहू सीमा पाल के अशोक कुमार से अवैध संबंध थे। अशोक कुमार के खिलाफ दिल्ली में पहले से हत्या के मामले दर्ज हैं। तिहाड़ जेल से वह कोरोना काल में पैरोल पर छूटकर आया था। सीमा देवी बराबर प्रेमी अशोक कुमार के संपर्क में रह सके इसके लिए उसने अपनी कार का चालक बताकर घर में ठहरा लिया था।
पेट में कांच का टुकड़ा घोपकर हत्यादोनों को आपत्तिजनक हालत में जब बेटे ने देख लिया तो सीमा देवी ने प्रेमी अशोक, उसके भाई राजेश कुमार और अपने सगे भाई मनोज को बुलाकर पहले इंद्रपाल की पिटाई की। इसके बाद कांच का टुकड़ा पेट में घोपकर हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इंद्रपाल के शरीर में 10 चोटों के निशान और जख्म मिले थे।
उम्रकैद के साथ 40-40 हजार का जुर्माना
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूर्णिमा पाठक ने मामले की सुनवाई की। साक्ष्यों के आधार पर सीमा पाल, अशोक कुमार, राजेश कुमार और मनोज कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी पर 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
शिक्षा विभाग ने कर दिया था बर्खास्तशासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि इंद्रपाल की बेरहमी से हत्या की गई थी। पत्नी सीमा पाल के चेहरे पर उनके नाखूनों के निशान लगे थे। इससे स्पष्ट हो गया था कि हत्या में पत्नी भी शामिल है। सीमा पाल के जेल जाने के बाद उसे शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया था।
इंद्रपाल की शिष्या थी सीमा पाल
हत्यारोपित सीमा पाल की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। वह इंद्रपाल सिंह के विद्यालय में पढ़ती थी। पढ़ाई में ठीक होने के कारण इंद्रपाल ने सीमा की पढ़ाई की खर्च उठाया था। सीमा पाल पढ़ाई करने के लिए इंद्रपाल के मकान में रहने लगी थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने पर इंद्रपाल की पहली पत्नी ने उन्हें छोड़ दिया था। 2015 में सीमा पाल की परिषदीय विद्यालय में शिक्षिका के पद पर नौकरी लग गई थी। इसके बाद इंद्रपाल से उसने शादी कर ली थी। सीमा की तीन बेटियां रक्षा, दीक्षा और दिशा हैं।
]]>घटना की सूचना पर मंत्री असीम अरुण भी मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने अधिकारियों को घायलों क उपचार व बचाव कार्य के लिए निर्देशित किया है। इसके अलावा, 12 एम्बुलेंस भी पहुंच गई हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। नगर पालिका के 50 कर्मचारी बचाव कार्य में जुटे हैं। कानपुर से डीआईजी भी पहुंचे। एनडीआरएफ की टीम घटना स्थल पर पहुंच चुकी है।
समाजवादी पार्टी ने लगाया आरोप
एक्स पर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी ने लिखा कि भाजपा सरकार और तत्कालीन कन्नौज सांसद सुब्रत पाठक ने दावा किया था कि कन्नौज का रेलवे स्टेशन अत्याधुनिक और करोड़ों की लागत से बनेगा। कुछ दिन पहले मंडल रेल प्रबंधक ने भी औचक निरीक्षण किया था। आज रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग का ढह गई जिसमें सैंकड़ों लोगों के दबे होने और कई के मरने की सूचना है।
सूचना है कि ये ठेका तत्कालीन सांसद सुब्रत पाठक के साझे में है और इस ठेके के भ्रष्टाचार में विधायक/मंत्री असीम अरुण और अन्य कन्नौज के भाजपा नेता भी शामिल हैं। ठेकेदारों पर दबाव बनाकर खराब गुणवत्ता का काम करवाया जा रहा है, भाजपाइयों द्वारा अधिक से अधिक कमीशन खींचने का खेल चल रहा है, असीम अरुण बताएं कि पहले ऑन ड्यूटी रहते हाईटेक कैमरे और हाईटेक पुलिस के नाम पर कमीशन खाया और अब सुब्रत पाठक के साथ साझेदारी में इस काम में कमीशन खा रहे थे जिससे काम की गुणवत्ता प्रभावित हुई और ये दुर्घटना घटी। भाजपा सरकार में हर लिंटर, पुल, बिल्डिंग इसीलिए गिर रहा है क्योंकि उच्च स्तर से लेकर निम्न स्तर तक कमीशन/दलाली का पैसा भाजपाइयों की जेब में गिर रहा है।
घटना की जांच को उच्चस्तरीय कमेटी का गठन
कन्नौज रेलवे स्टेशन पर हुई घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। जांच टीम में मुख्य इंजीनियर/प्लानिंग एवं डिजाइन, अपर मंडल रेल प्रबंधक/इज्जतनगर एवं मुख्य सुरक्षा आयुक्त/रेलवे सुरक्षा बल शामिल होंगे।
जानकारी के अनुसार, आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर तड़के साढ़े तीन बजे के करीब किलोमीटर संख्या 196 हादसा हुआ। हादसे में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के पांच डॉक्टरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे का शिकार हुए सभी डॉक्टर लखनऊ से शादी समारोह से वापस लौट रहे थे।
शादी समारोह से लौट रहे पांच डॉक्टरों की मौत
सुबह 3:43 पर कंट्रोल रुम से सूचना मिली कि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 196 पर हादसा हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्कार्पियो आगरा जा रही थी, नींद आने के कारण कार डिवाइडर तोड़ कर आगरा से लखनऊ जाने वाली दिशा में पहुंच गई।
इसके बाद आगरा की तरफ से आ रहे ट्रक से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में अनिरुद्ध वर्मा पुत्र पवन कुमार वर्मा निवासी राधा विहार एक्सटेंशन कमला नगर आगरा समेत पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति गंभीर घायल है।
घायल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया है। शवों को मोर्चरी में रखा गया है। हादसे में मौत का शिकार हुए सभी डॉक्टर पीजी कर रहे थे। जयवीर सिंह पुत्र करण सिंह निवासी बुद्ध विहार, मुरादाबाद घायल हुए हैं। मृतकों में डॉ. अनिरुद्ध वर्मा, डॉ. संतोष कुमार मौर्य, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. नरदेव और एक अज्ञात शामिल हैं।
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लखनऊ। लोकसभा चुनाव करीब आते ही शिकायत और कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में सपा नेताओं की ओर से रुपये बांटने की शिकायत पर पुलिस ने एक होटल में छापा मारा। करीब घंटे भर की पड़ताल के दौरान पुलिस को कुछ नहीं मिला। दरअसल कन्नौज संसदीय सीट से सपा मुखिया अखिलेश यादव खुद ही चुनाव लड़ रहे हैं। यहां चौथे चरण के तहत अगले हफ्ते 13 मई को वोट डाले जाएंगे। इसी के तहत प्रदेश के कई नेताओं ने प्रचार के लिए यहां डेरा डाल रखा है। अलग-अलग होटल में ठहरे हुए हैं। इसी बीच देर रात पुलिस ने शहर में जीटी रोड किनारे एक बड़े होटल में छापा मारी की। सीओ सिटी कमलेश कुमार, सदर कोतवाल दिग्विजय सिंह के साथ टीम ने होटल के अलग-अलग कमरों की तलाशी ली। उनसे जरूरी पूछताछ भी की गई। सीओ सिटी ने बताया कि शिकायत मिली थी कि रुपये बांटने का काम चल रहा है, उसी को संज्ञान में लेकर जांच की गई। शिकायत गलत पाई गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से खफा सपा नेताओं ने इसे भाजपा की साजिश और उसकी बौखलाहट बताया है। सपा नेताओं की जांच करने के लिए होटल में छापा डालने पहुंची पुलिस की इस कार्रवाई का कार्यकर्ताओं ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया है। यह इलाके में तेजी से वायरल हो रहा है। सपा जिलाध्यक्ष कलीम खान ने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी हार को देख कर बौखला रही है इसीलिए कार्यकर्ताओं को परेशान करने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।
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