होली पर्व के दृष्टिगत आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ तथा जिलाधिकारी आजमगढ़ के आदेश के क्रम में जनपद में मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक आयुक्त (खाद्य) आजमगढ़ द्वारा गठित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के प्रवर्तन दल ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर कुल 09 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए।
अभियान के दौरान जुनैदगंज से छेना मिठाई, हुसैनगंज से बूंदी का लड्डू, मुसेपुर से रिफाइंड सोयाबीन तेल एवं बूंदी का लड्डू, जबकि कालीनगंज से भीम लड्डू, शुगर बॉयल्ड कन्फेक्शनरी और चोकोबिन्स का एक-एक का नमूना लिया गया। साथ ही लगभग 80 किलोग्राम कन्फेक्शनरी, अनुमानित मूल्य 10,800 रुपये, जब्त कर सीज की गई।
एक अन्य खाद्य सचल दल ने निजामाबाद क्षेत्र से 01 मैदा एवं 01 रिफाइंड सोयाबीन तेल का नमूना लिया, जबकि 733 किलोग्राम रिफाइंड सोयाबीन तेल (कुल 49 टिन), अनुमानित मूल्य लगभग 1,06,000 रुपये, जब्त कर सीज किया गया। अब तक इस विशेष अभियान में कुल 44 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं तथा एक खाद्य कारोबारकर्ता को सुधार के लिए नोटिस जारी की गई है।
अभियान के दौरान खाद्य सचल प्रयोगशाला के माध्यम से हुसैनगंज, छतवारा और जुनैदगंज में खाद्य कारोबारियों एवं आम जनमानस को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया। सहायक आयुक्त (खाद्य) श्री सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि होली त्यौहार के मद्देनजर यह छापेमारी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी बेस्ट बिफोर और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें तथा अत्यधिक चमकीली व रंगीन मिठाइयों एवं खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
इस छापेमारी दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रजनीश कुमार, गोविंद यादव, संजय कुमार तिवारी, सुचित प्रसाद, लालमणि यादव, शीत कुमार सिंह, अमरनाथ, बेबी सोनम और राजीव कुमार सिंह शामिल रहे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि होली के दौरान विशेषकर दूध, दुग्ध उत्पाद, मिठाई और नमकीन की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। अन्य जनपदों से आने वाले खाद्य पदार्थों की भी अभिसूचना के आधार पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही छोटे रेहड़ी, पटरी व ठेला कारोबारियों को जागरूक करने और अनावश्यक उत्पीड़न से बचने के निर्देश दिए। लाइसेंस व पंजीकरण लक्ष्य प्राप्ति पर संतोष जताया गया।
उन्होंने स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, जननी सुरक्षा योजना से आच्छादित स्वास्थ्य केंद्रों व कैंटीन में पके भोजन की नियमित जांच के निर्देश दिए। खराब छवि वाले प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर कार्रवाई तथा नव निर्मित प्रयोगशाला के हस्तांतरण में आ रही बाधाएं दूर करने के निर्देश सहायक आयुक्त (खाद्य) को दिए गए।
अभिहित अधिकारी सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 612 नमूने लिए गए, जिनमें 58% फेल पाए गए। 273 कारोबारियों पर ₹53,98,000 अर्थदंड लगाया गया, जबकि तीन को कारावास व ₹11,000 दंड हुआ। 76 कारोबारियों को 3-5 स्टार हाईजीन रेटिंग और 822 को फॉस्टैक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र दिया गया। औषधि निरीक्षक सीमा वर्मा ने नकली दवाओं पर सघन निरीक्षण की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों पर साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों के रख-रखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर कुल 04 खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध सुधार सूचना जारी करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की गई। साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा संबंधित प्रतिष्ठानों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप भी चस्पा कराया गया।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II आज़मगढ़ सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि क्रिसमस पर्व को देखते हुए यह छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी बेस्ट बिफोर और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें तथा अत्यधिक चमकीली और रंगीन मिठाइयों व खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
उन्होंने खाद्य कारोबारियों को भी निर्देशित किया कि वे स्वच्छ परिस्थितियों में गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों का निर्माण व विक्रय करें, निर्धारित मात्रा में ही खाद्य रंगों का प्रयोग करें और शुद्ध व ताजा सामग्री ही बाजार में उपलब्ध कराएं।
उक्त छापेमार दल में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक कुमार श्रीवास्तव सहित खाद्य सुरक्षा अधिकारी रजनीश कुमार, गोविन्द यादव, सुचित प्रसाद, लालमणि यादव, शीत कुमार सिंह, अमर नाथ, राजीव कुमार सिंह, संजय कुमार तिवारी एवं बेबी सोनम शामिल रहीं।
]]>अभिहित अधिकारी सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा 563 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 49 प्रतिशत नमूने फेल पाए गए। इस अवधि में 213 खाद्य कारोबारियों पर कुल ₹40,73,000 का जुर्माना लगाया गया तथा 3 कारोबारियों को कारावास और ₹11,000 के जुर्माने की सजा न्यायालय से दिलाई गई।
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ईट राइट इंडिया इनिशिएटिव योजना के तहत अब तक 76 कारोबारियों को 3 से 5 स्टार हाईजीन रेटिंग प्रदान की जा चुकी है। वहीं, 822 खाद्य कारोबारियों को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर फॉस्टैक प्रमाणपत्र दिया गया है। इसके साथ ही 3035 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 2494 रसोइयों को भी खाद्य सुरक्षा विषयक प्रशिक्षण दिया गया।
अपर जिलाधिकारी (प्रशा.) ने विभाग को जागरूकता बढ़ाने पर बल देने और आवश्यकतानुसार प्रवर्तन कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी पका हुआ भोजन परोसा जा रहा है, जैसे विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और अस्पतालों के कैंटीन वहां भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए।
साथ ही उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और मंडी समिति के प्रतिष्ठानों को लाइसेंस या पंजीकरण के दायरे में लाने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से आशा और एएनएम कार्यकत्रियों को भी खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।
अपर जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि बाल सुधार गृह, अनाथालय और वृद्धाश्रमों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित कराई जाए और संबंधित सूची खाद्य सुरक्षा विभाग को उपलब्ध कराई जाए।
औषधि निरीक्षक सीमा वर्मा ने बताया कि औषधि निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर सुधारात्मक निर्देश दिए गए हैं तथा नशीली औषधियों की रोकथाम हेतु सघन निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि औषधि प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
]]>जनपद में मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थों के विक्रय को रोकने के लिए गठित टीम ने जाफरपुर स्थित मिठाई निर्माण इकाई से एक बर्फी, भैरोपुर खुर्द से एक छेना मिठाई और फूलपुर के प्रतिष्ठानों से दो बूंदी लड्डू के नमूने संग्रहित किये। अस्वच्छ परिस्थितियों में संग्रहित 30 किलो छेना मिठाई और 10 किलो बूंदी लड्डू को मौके पर नष्ट कर दिया गया। कुल 4 नमूने राजकीय प्रयोगशाला को जांच के लिए भेजे गए।
फूलपुर तहसील के खाद्य प्रतिष्ठानों में 20 खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की गई, जिनमें कई मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। निरीक्षण के दौरान 4 खाद्य कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी किया गया और सभी प्रतिष्ठानों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप चस्पा किया गया।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II ने बताया कि छापेमारी अभियान दीपावली तक लगातार जारी रहेगा। आम जनता से अपील की गई है कि वे पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें और रंगीन/चमकीली मिठाइयों से परहेज करें। खाद्य कारोबारियों को भी स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण सामग्री विक्रय करने और निर्धारित मात्रा में खाद्य रंग का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया गया।
]]>उपरोक्त कार्यवाही के दौरान अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण/विक्रय हेतु संग्रहित छेना मिठाई 20 किग्रा, मूल्य 6,000 रुपये और बादाम रोल मिठाई 80 किग्रा, मूल्य 16,000 रुपये को नमूना संग्रह के उपरान्त मौके पर ही नष्ट किया गया।
इस प्रकार खाद्य सचल दल द्वारा कुल 11 नमूने संग्रहित कर जांच हेतु राजकीय प्रयोगशाला को प्रेषित किए गए। अब तक अभियान में कुल 42 खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित किए जा चुके हैं।
खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण उपरांत साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों का रख-रखाव संतोषजनक न पाए जाने पर कुल सात खाद्य कारोबारियों के संबंध में सुधार सूचना संबंधित कार्यवाही की गई। साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप चस्पा कराया गया।
उक्त छापेमारी दल में दीपक कुमार, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, एवं रजनीश कुमार, गोविन्द यादव, सुचित प्रसाद, लालमणि यादव, शीत कुमार सिंह, अमर नाथ, राजीव कुमार सिंह, संजय कुमार तिवारी और बेबी सोनम, खाद्य सुरक्षा अधिकारीगण शामिल रहे।
]]>