आजमगढ़। जिले में आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में यूपी-112 के तहत आजमगढ़ पुलिस को नई पीआरवी गाड़ियों की सौगात मिली है। इससे जिले में पुलिस रिस्पॉन्स और तेज होगा तथा आमजन को त्वरित सहायता मिल सकेगी।
पुलिस आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली यू0पी0 112 के अंतर्गत जनपद आजमगढ़ को 11 चार पहिया पीआरवी वाहन (स्कार्पियो) एवं 02 दो पहिया पीआरवी वाहन (पल्सर) आवंटित किए गए हैं। यह आवंटन मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, यू0पी0 112 द्वारा किया गया है।
वर्तमान में जिले में 57 चार पहिया तथा 16 दो पहिया पीआरवी वाहन कार्यरत थे। नए वाहनों के शामिल होने के बाद अब जनपद में कुल 68 चार पहिया एवं 18 दो पहिया पीआरवी वाहन क्रियाशील हो जाएंगे, जिससे आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और गति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
मंगलवार को पुलिस लाइन्स में नवनियुक्त पीआरवी वाहनों का फ्लैग ऑफ कार्यक्रम आयोजित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने 11 चार पहिया एवं 2 दो पहिया पीआरवी वाहनों को उनके संबंधित थाना क्षेत्रों के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
बताया गया कि इन वाहनों के माध्यम से पुलिस सहायता, अग्निशमन, चिकित्सा सेवा एवं रात्रि सुरक्षा जैसी आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि नागरिक हेल्पलाइन 112 के जरिए किसी भी समय त्वरित मदद प्राप्त कर सकें।
चार पहिया पीआरवी वाहन कंधरापुर, मुबारकपुर, बिलरियागंज, तहबरपुर, अहरौला, सरायमीर, देवगांव, बरदह, मेहनगर, तरवा एवं मेहनाजपुर थाना क्षेत्रों को आवंटित किए गए हैं, जबकि दो पहिया पीआरवी सिधारी और बिलरियागंज थाना को दी गई है।
एसएसपी डॉ0 अनिल कुमार ने बताया कि इन नई पीआरवी गाड़ियों से संबंधित थाना क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा आमजन को तेज और प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
आजमगढ़। जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में बीती रात पुलिस और गोतस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में गोकशी की घटना को अंजाम देने वाले दो बदमाश घायल होकर गिरफ्तार किए गए। मौके से एक पिकअप वाहन, प्रतिबंधित पशु, अवैध तमंचे व कारतूस बरामद किए गए हैं, जबकि दो अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
बीती रात थाना सरायमीर पुलिस क्षेत्र में गश्त व वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम डेमरी मकदुमपुर में पूर्व में हुई गोकशी की घटना में शामिल शातिर गोतस्कर दोबारा एक पिकअप वाहन में गोवंश लादकर दीदारगंज–सरायमीर मार्ग से गांव की ओर जा रहे हैं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सरायमीर मय पुलिस बल ने सिकरौर सहबरी के आगे घेराबंदी कर वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाश अवरोधक तोड़ते हुए भाग निकले।
पुलिस ने पीछा कर घेराबंदी की तो बदमाश पिकअप छोड़कर पैदल भागते हुए पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने लगे। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद जब फायरिंग जारी रही तो आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जबकि दो आरोपी फरार हो गए।
घायल अभियुक्तों की पहचान रफीक उर्फ टोनी पुत्र रसीद निवासी डेमरी मकदुमपुर, थाना सरायमीर तथा राहुल यादव पुत्र दिनेश यादव निवासी गरावपुर, थाना दीदारगंज के रूप में हुई है। घायलों को इलाज के लिए सीएचसी फूलपुर भेजा गया है।
पूछताछ में फरार आरोपियों के नाम सलमान पुत्र मिट्ठन कुरैशी एवं मन्नान पुत्र मिट्ठन कुरैशी निवासीगण शेरवा, थाना सरायमीर बताए गए हैं।
पुलिस ने मौके से एक पिकअप वाहन, एक प्रतिबंधित पशु, दो तमंचा, कारतूस, सहित नगद धनराशि व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि ये आरोपी संगठित गिरोह के रूप में जौनपुर बॉर्डर से सटे क्षेत्रों से प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर डेमरी मकदुमपुर लाते थे और गोकशी कर अवैध मांस की बिक्री कर रकम आपस में बांटते थे। साथ ही बीते 16 दिसंबर को हुई गोकशी की घटना में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।