जिलाधिकारी ने सचिव और ग्राम प्रधान को आदेश दिया कि एक सप्ताह के भीतर गौशाला की जमीन को पूरी तरह समतल करा दिया जाए, ताकि पानी का जमाव न हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि को स्लोपदार बनाकर वर्षा या उपयोगी पानी को पास के गड्ढों की ओर मोड़ दिया जाए। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी मेहनगर ने बताया कि गाँव चकबंदी प्रक्रिया में शामिल है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि गौशाला की जमीन को चकबंदी से बाहर रखने के लिए तत्काल चकबंदी अधिकारी को पत्र भेजा जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि गौशाला के निकट ऊसर या बंजर भूमि उपलब्ध है तो उस पर स्थायी गौशाला निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार किया जाए। साथ ही गौशाला या आसपास की जमीन पर यदि कोई अवैध अतिक्रमण पाया जाए तो उसे हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रेमपूर्वक पशुओं को गुड़ और कलाई भी खिलाई। उन्होंने भूसा स्टॉक रजिस्टर, केयरटेकर रजिस्टर और पशु रजिस्टर का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी मेहनगर, खंड विकास अधिकारी, सचिव, ग्राम प्रधान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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