अतरौलिया, आज़मगढ़। स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम गोरथानी में बीती रात अज्ञात लोगों ने आजमगढ़-फैजाबाद एक्सप्रेस-वे से सटे लिंक रोड पर स्थित पशुशाला का ताला काटकर उसमें बंधी दो गायों की निर्मम हत्या कर दी। घटना के समय गृहस्वामी घर पर मौजूद नहीं था।
सुबह जब गृहस्वामी का बेटा गायों को चारा डालने पहुंचा तो दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। उसकी चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग मौके पर जुट गए। कुछ ही देर में यह खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता रमाकांत मिश्र ने प्रमुख सचिव गृह समेत सभी उच्च अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरिराम यादव पुत्र अभिराज यादव, ग्राम गोरथानी में नेशनल हाईवे से सटे लिंक रोड पर अपने मकान में रहते हैं। शनिवार दोपहर उन्होंने अपनी बरदौल में बंधी दो गायों को चारा-पानी डालकर गांव चले गए थे। घर पर उनका बेटा अकेले मौजूद था। रात में उसने गायों को चारा डालकर बरदौल में ताला बंद किया और गांव में सोने चला गया।
बीती रात अज्ञात लोग ताला काटकर अंदर घुसे और बंधी दोनों गायों को टुकड़े-टुकड़े में काटकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। सुबह जब यह खबर फैली तो आसपास के सात-आठ गांवों के लोग एकत्रित हो गए। ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दशक में ऐसी घटना कभी नहीं हुई। सूचना पर क्षेत्राधिकारी अजय प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। स्थानीय लोग इस घटना को गौ तस्कर वाकिब उर्फ वाकिफ के 7 नवंबर को हुए एनकाउंटर से जोड़कर देख रहे हैं, और आरोपित अपराधियों का एनकाउंटर करने की मांग कर रहे हैं।
ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव ने कहा, घटना की जानकारी मिलते ही मैं तत्काल मौके पर पहुंचा। जिसने भी ऐसा कृत्य किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
भाजपा नेता एवं क्षेत्रीय संयोजक रमाकांत मिश्र ने कहा, संरक्षण मिलने के कारण ही अपराधी इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं। अपराधी और उन्हें संरक्षण देने वाले, दोनों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
क्षेत्राधिकारी बुढ़नपुर अजय प्रताप सिंह ने बताया, सुबह सूचना प्राप्त हुई कि गोरथानी निवासी हरिराम यादव के परिसर में बंधे दो गोवंश कटे हुए पड़े हैं और उनका मीट गायब है। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वाकिब के एनकाउंटर से इस घटना को जोड़कर देखा जा रहा है। इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
]]>अतरौलिया, आज़मगढ़। स्थानीय थाना क्षेत्र के गजेंद्र पट्टी भेदौरा गांव के समीप सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब गांव के एक बुजुर्ग हाई टेंशन तार (11000 वोल्ट) की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी दूधनाथ यादव (72 वर्ष) पुत्र स्व0 राम फेर दोपहर लगभग 12 बजे पशु चराने गांव के सिवान की ओर गए थे। इसी दौरान नीचे झुके हुए 11000 वोल्ट के करंट प्रवाहित तार के संपर्क में आने से वे गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास के लोगों ने किसी तरह उन्हें बचाकर उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने इस घटना के लिए विद्युत विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के प्राथमिक विद्यालय के पीछे महीनों से हाई टेंशन तार नीचे लटक रहे हैं, जिसकी शिकायत कई बार जेई और एसडीओ से की गई, लेकिन विभाग के कुछ कर्मचारियों द्वारा तार को ऊपर करने के बदले पैसे की मांग की जाती है।
गांव के सत्यम सिंह, सूरज गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, विजय विक्रम सिंह, राहुल यादव, अमन सिंह और सोनू यादव समेत ग्रामीणों ने विभाग से तुरंत कार्रवाई करते हुए तार को ऊपर करने और घायल दूधनाथ यादव के इलाज की जिम्मेदारी लेने की मांग की है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि विद्यालय के पास से लटक रहे ये खतरनाक तार कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं और स्कूल के बच्चों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इसी स्थान पर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। यह पूरा मामला मदिया पार के करमैनी उपकेंद्र से जुड़ा हुआ है।
इस संबंध में विभागीय सूत्रों का कहना है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है और जल्द ही लटकते तारों को ऊपर कर दिया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
वही ग्रामीणों की मांग है कि घायल दूधनाथ का समुचित इलाज कराया जाए और विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।