चंदौली । जिले में एक पति के साथ शादी के 10 वें दिन खेला हो गया। पति अपनी नई नवेली दुल्हन को शॉपिंग कराने ले गया था। इसी दौरान पत्नी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गई। काफी देर तक पत्नी को खोजने के बाद थकहार कर पति ने मुगलसराय कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में पुलिस ने महिला को उसके प्रेमी संग ढूंढ निकाला। थाने में जब दोनों के परिवार जुटे तो महिला प्रेमी संग रहने पर अड़ गई। अंत में पति ने भी सहमति दे दी और नव नवेली दुल्हन को उसके प्रेमी के हवाले कर दिया।
यह वाकया चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र का है। इस क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले शमशेर चौहान की शादी चार जून 2025 को इसी क्षेत्र के एक अन्य गांव की रहने वाली खुशी सिंह से हुई थी। शादी के बाद 10 दिन तक सब कुछ सामान्य था। दसवें दिन पति शमशेर अपनी पत्नी को शॉपिंग के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर ले गया। उसने पत्नी को खरीदारी भी कराई। शॉपिंग के दौरान दोनों एक रेस्टोरेंट में रुके और नाश्ता आर्डर किया। पति नाश्ता करने लगा तो इसी दौरान पत्नी मौका देखकर मौके से फरार हो गई।
नाश्ता खत्म हो गया लेकिन पत्नी नहीं लौटी। काफी देर तक शमशेर उसे ढूंढता रहा। अंत में मुगलसराय कोतवाली पहुंचकर उसने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। नई नवेली दुल्हन के गायब होने की सूचना पर पुलिस तत्काल ऐक्टिव हुई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी और कुछ ही समय में उसे अपने प्रेमी संग बरामद कर लिया। दोनों को थाने लाया गया। पुलिस ने शमशेर उसकी पत्नी और प्रेमी के परिवारीजनों को भी थाने बुला लिया।
थाने में इस मामले को लेकर देर तक सभी पक्षों में बातें हुईं। इस दौरान खुशी ने यह साफ कर दिया कि उसकी खुशी पति शमशेर नहीं प्रेमी सोनू के साथ रहने में है। खुशी की बातों से हर कोई हैरान था लेकिन अंत में शमशेर ने भी इस पर सहमति दे दी। तय हुआ की खुशी प्रेमी सोनू संग जाएगी।
]]>क्षेत्र के सराय बंधवापर गांव निवासी छोटेलाल राम का पुत्र पवन कुमार (20) सोनहुला स्थित कॉलेज में दसवीं का छात्र था। हाल ही में उसने बोर्ड की परीक्षा दी थी। वह चेन्नई स्थित एक फैक्टरी में काम करता था। परीक्षा देने के लिए घर आया था। 22 मार्च को उसे चेन्नई जाना था। बृहस्पतिवार की आधी रात को वह घर से निकला था। शुक्रवार की सुबह खेत में अर्धनग्न हाल में उसका शव मिला।
]]>शीर्ष अदालत ने कहा कि मामले की सुनवाई में तेजी लाई जाए। मामले से संबंधित मूल रिकॉर्ड इलाहाबाद उच्च न्यायालय और सत्र न्यायालय से यथासंभव शीघ्रता से लेकर सुरक्षित किया जाए।
चंदौली जिले के बलुआ थाना क्षेत्र के सिकरौरा गांव में नौ अप्रैल 1986 की रात तत्कालीन ग्राम प्रधान रामचंद्र यादव, उनके चार मासूम बच्चों मदन, उमेश, टुनटुन व प्रमोद और दो भाइयों रामजन्म व सियाराम की नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई थी।
मुकदमे के आरोपी रहे बृजेश सिंह को सत्र न्यायालय ने 16 अगस्त 2018 को दोषमुक्त कर दिया था। इसी तरह से 12 अन्य आरोपी भी दोषमुक्त कर दिए गए थे। रामचंद्र यादव की पत्नी हीरावती देवी ने सत्र न्यायालय के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति अजय भनोट की खंडपीठ ने नवंबर 2023 में बृजेश सिंह समेत नौ आरोपियों की दोषमुक्ति से संबंधित सत्र न्यायालय का आदेश बरकरार रखा था। वहीं, चार आरोपियों पंचम सिंह, वकील सिंह, राकेश सिंह और देवेंद्र सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विभव मिश्रा ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंचम सिंह सहित चारों दोषियों ने शीर्ष अदालत में अपील दाखिल की। अनुरोध किया कि उनकी सजा निलंबित कर उन्हें जमानत दी जाए।
इसके साथ ही हीरावती देवी ने बृजेश सिंह, रामदास उर्फ दीना, नरेंद्र सिंह उर्फ मामा और विजयी सिंह की दोषमुक्ति के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और पंचम सहित चारों दोषियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। साथ ही हीरावती देवी की अपील को स्वीकार करते हुए बृजेश सिंह सहित अन्य की दोषमुक्ति के खिलाफ सुनवाई करने का आदेश दिया।
बांदा जेल में हार्ट अटैक से मरने वाले माफिया मुख्तार अंसारी और बाहुबली बृजेश सिंह की अदावत सुर्खियों में रही है। कमिश्नरेट की पुलिस के डोजियर के अनुसार, चौबेपुर थाना क्षेत्र के धौरहरा गांव के मूल निवासी बृजेश सिंह की हिस्ट्रीशीट वर्ष 1989 में खुली थी।
वर्ष 1998 में बृजेश सिंह का अंतरराज्यीय गैंग नंबर 195 पंजीकृत किया गया था। वर्ष 1987 से जनवरी 2008 तक फरार रहे बृजेश सिंह के खिलाफ पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों से लगायत लखनऊ, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, नई दिल्ली और ओडिशा में 40 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। हालांकि मौजूदा समय में इक्का-दुक्का आपराधिक मुकदमों को छोड़ कर बृजेश सिंह को अन्य सभी मामलों में दोषमुक्ति मिल चुकी है।
]]>ये है पूरा मामला
चंदौली पुलिस लाइन के अभियोजन विभाग में तैनात सिपाही जटाशंकर का आरोप है कि वह शनिवार की शाम सब्जी लेने अपने चारपहिया वाहन से मार्केट आया था। तभी चौकी इंचार्ज संतोष तिवारी वाहन के पास पहुंचे और फोटो खींचकर गाड़ी का चालान करने लगे। जिसके बाद सिपाही ने खुद को स्टाफ बताते हुए चालान न काटने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई।
आरोप है कि चौकी इंचार्ज समेत अन्य पुलिसकर्मी सिपाही का कॉलर पकड़कर खींचते हुए चौकी के अंदर ले गए और उसकी पिटाई कर दी। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पहुंचे इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह ने सिपाही को समझा- बुझाकर मामले को शांत कराया। वहीं एसपी आदित्य लांगहे ने बताया कि मामले की जांच सीओ सदर राजेश राय को सौंपी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
]]>बावरिया गिरोह लगातार चंदौली में सक्रिय रहा है और पहले भी अलीपुर और चंदौली में चोरी की बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस ने बदमाशों की साजिश को नाकाम कर दिया और आगे पूछताछ के बाद इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
सकलडीहा सीओ रघुराज ने बताया कि बदमाश बलुआ में चोरी करने के फिराक में थे। पुलिस ने उनकी साजिश को नाकाम कर दिया और एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। आगे पूछताछ के बाद इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
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