विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि परिसर में प्राध्यापक-प्राध्यापिकाएं और छात्र-छात्राएं उत्तर प्रदेश के पारंपरिक परिधानों—कुर्ता-पायजामा, साड़ी और रंग-बिरंगे वस्त्रों—में सभी का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा पोस्टर अवलोकन से हुई। छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया, जबकि कार्यक्रम की संयोजक डॉ. वैशाली सिंह ने स्वागत भाषण देकर अतिथियों का अभिनंदन किया। कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ और विश्वविद्यालय का प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्राध्यापकों ने भी मुख्य अतिथि का सम्मान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्र कामेश्वर गिरी द्वारा काव्य पाठ से हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश की विविधता और उपलब्धियों का वर्णन किया गया। इसके साथ ही प्रदेश की डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई, जिसमें छह केंद्रीय विश्वविद्यालय और तीन दर्जन राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना, प्रदेश के आर्थिक विकास, एक जिला-एक उत्पाद योजना, बेहतर कानून व्यवस्था और विश्व प्रसिद्ध कुंभ मेले का आयोजन दर्शाया गया। छात्र-छात्राओं ने लोकगीत सोहर प्रस्तुत कर वातावरण को और जीवंत बनाया।
मुख्य अतिथि प्रो. रजनीकांत पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि परिसर में सकारात्मक ऊर्जा महसूस हुई, जो विश्वविद्यालय के नेतृत्व और सहयोगी परिवार का परिणाम है। उन्होंने प्रदेश की प्रगति, कानून व्यवस्था, भारी निवेश और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में 80% गोल्ड मेडल छात्राएं ले रही हैं, जो प्रेरणादायक होने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों की चेतावनी भी है। प्रो. रजनीकांत पांडे ने कुलपति प्रो. संजीव कुमार के नेतृत्व की प्रशंसा की और प्राध्यापकों से सहयोग का आह्वान किया।
अंत में मुख्य अतिथि और विश्वविद्यालय प्रशासन ने पोस्टर प्रतियोगिता में शिवांगी, आशुतोष, युग सोनी, श्वेता, अदिति और मनसा को सम्मानित किया।
कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने आयोजन समिति और सभी प्रतिभागियों को बधाई और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. निधि और डॉ. वैशाली ने समेकित रूप से किया।
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कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को एचआईवी/एड्स से संबंधित सही एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करना, समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर करना तथा इसके प्रति जिम्मेदार और मानवीय दृष्टिकोण विकसित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए डॉ. दीपिका दूबे ने रेड रिबन क्लब की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक सरकारी अभियान है, जिसके माध्यम से सेमिनार, निबंध प्रतियोगिता, रैली, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग जैसी गतिविधियों द्वारा युवाओं में एड्स के प्रति जागरूकता फैलाई जाती है। इसका उद्देश्य न केवल रोकथाम और देखभाल को बढ़ावा देना है, बल्कि कलंक और भेदभाव को कम करते हुए सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है।
एचआईवी काउंसलर श्रीमती रंजू श्रीवास्तव ने एड्स को एक गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य समस्या बताते हुए कहा कि जागरूकता ही इसका सबसे प्रभावी समाधान है। उन्होंने एचआईवी संक्रमण के कारणों, इसके फैलने के तरीकों, लक्षणों और रोकथाम के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही यह स्पष्ट किया कि एचआईवी/एड्स छुआछूत से नहीं फैलता और संक्रमित व्यक्तियों के साथ भेदभाव करना अमानवीय है।
एसटीआई काउंसलर एकता राय ने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि वे HIV/AIDS के खिलाफ लड़ाई में बदलाव के वाहक बन सकें और ऐसा समाज निर्मित हो, जहां संक्रमित व्यक्तियों के साथ सम्मान और सहयोग का व्यवहार किया जाए।
कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अंत में संवादात्मक सत्र के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। समापन पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. निशा कुमारी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए रेड रिबन क्लब, वक्ताओं, काउंसलरों, आयोजकों एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विभाग की योजनाओं और सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112, 108 व शिकायत निस्तारण प्रक्रिया की जानकारी दी गई। हब फॉर इम्पॉवरमेंट ऑफ वूमेन की जेन्डर स्पेशलिस्ट अन्नू सिंह ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित विधवा पेंशन योजना और स्पॉन्सरशिप योजना के बारे में विस्तार से बताया और छात्राओं को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई से सोशल वर्कर रानी सिंह, हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन से एमटीएस राम सिंह, विद्यालय प्रभारी दीपिका राय और अध्यापिकागण उपस्थित रहे।
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