सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कुल 16 प्रकरण प्राप्त हुए। इनमें घरेलू हिंसा, जमीनी विवाद सहित अन्य मामलों से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियांका मौर्या ने इनमें से 5 मामलों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण कराया, जबकि शेष 11 मामलों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई कर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने पीड़ित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि सशक्त, मजबूत, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध कुमार सिंह ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना और वन स्टॉप सेंटर योजना के बारे में विस्तार से बताया।
इसके अलावा महिला आयोग की सदस्य ने ब्लॉक रानी की सराय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की स्थिति सामान्य पाई गई और सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। उन्होंने विद्यालय परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने थाना रानी की सराय का भी औचक निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाएं सामान्य पाई गईं।
जनसुनवाई कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर, उपजिलाधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, महिला थानाध्यक्ष, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी, बाल कल्याण समिति तथा वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारी मौजूद रहे।
जनसुनवाई के दौरान कुल 86 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें राजस्व की 60, पुलिस की 12, विकास की 08 एवं अन्य की 06 शिकायतें शामिल रहीं। मौके पर 07 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों के गुणवत्तायुक्त निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा, उप जिलाधिकारी मार्टीनगंज, तहसीलदार मार्टीनगंज, सीओ मार्टीनगंज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि समाधान दिवस के बाद अपने-अपने विभाग से संबंधित सर्वाधिक शिकायत वाले गांवों तथा आईजीआरएस पर अधिक शिकायत प्राप्त गांवों का भ्रमण करें। मौके पर शिकायतकर्ताओं को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनें और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि एसआईआर, बोर्ड परीक्षा एवं फार्मर रजिस्ट्री में लगाए गए अधिकारी लंबे समय तक ड्यूटी करेंगे। यदि किसी अधिकारी की ड्यूटी दो स्थानों पर लगी हो तो तुरंत उच्चाधिकारियों या मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराएं।
जनसुनवाई में सामने आए कुछ मामलों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आदेश के बाद भी यदि सीमांकन के बावजूद कब्जा नहीं दिलाया जाता या सरकारी जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है, तो एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। सरकारी भूमि पर कब्जे की स्थिति में लेखपाल द्वारा तहरीर तथा निजी भूमि के मामलों में पीड़ित पक्ष की तहरीर पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस व राजस्व विभाग को संयुक्त टीम बनाकर मौके पर निरीक्षण करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार सरकारी जमीन पर रह रहे किसी गरीब व्यक्ति को तब तक न हटाया जाए, जब तक उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था न हो। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित पर सख्त कार्रवाई होगी।
कोटेदार नियुक्ति से जुड़े मामलों में ग्राम सभा की खुली बैठक कर प्रस्ताव तैयार कर उप जिलाधिकारी को भेजने तथा राशन वितरण सुचारु कराने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने राजस्व व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई पर जोर देते हुए न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही।
जनसुनवाई में कुल 44 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें राजस्व की 36, पुलिस की 2, शिक्षा की 3, विकास की 2 और अन्य की 1 शिकायत शामिल रही। मौके पर 7 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को तय समय में निपटाने के निर्देश दिए गए।
ममता कुमारी ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं से जुड़ी योजनाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने पुलिस विभाग को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं को शाम के समय थाने न बुलाया जाए और जरूरत पड़ने पर महिला पुलिसकर्मी के साथ ही घर पर संपर्क किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं से संबंधित लंबित प्रकरणों को एक सप्ताह के भीतर निस्तारित किया जाए और कोर्ट के आदेशों का प्राथमिकता से अनुपालन सुनिश्चित हो।
माननीय सदस्य ने बाल विवाह रोकने, ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल से जोड़ने तथा महिलाओं को मानसिक परामर्श व कौशल प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया। बैठक से पूर्व उन्होंने जिला कारागार का निरीक्षण कर महिला बंदियों को शिक्षा व स्किल डेवलपमेंट से जोड़ने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान विभिन्न थानों से जुड़े कई प्रकरणों को सुनते हुए पुलिस व राजस्व विभाग को संयुक्त टीम बनाकर मौके पर समाधान कराने को कहा गया। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण कराया जाएगा।
इस अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में पीड़ित महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है। महिलाओं को सशक्त, मजबूत, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया तथा यह संदेश दिया गया कि राज्य महिला आयोग उनके साथ खड़ा है।
इसके पश्चात अटल आवासीय विद्यालय गम्भीरवन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच में सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। रसोईघर का भी निरीक्षण किया गया, जहां व्यवस्थाएं संतोषजनक और साफ-सफाई व्यवस्थित पाई गई। बच्चों से बातचीत में छात्रों ने बताया कि विद्यालय में उन्हें समय पर नाश्ता व भोजन मिलता है और पढ़ाई भी सुचारु रूप से हो रही है। बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर बच्चों के साथ वृक्षारोपण भी किया गया।
इसके बाद जिला कारागार आजमगढ़ का निरीक्षण हुआ, जहां व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित पाई गईं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी दी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा महिला कल्याण विभाग की योजनाओं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री बाल सेवा, स्पॉन्सरशिप योजना और वन स्टॉप सेंटर की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर, उप जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित
निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने थाना कार्यालय, मालखाना, कम्प्यूटर कक्ष, हवालात, महिला हेल्प डेस्क, आगन्तुक पंजी, बीट पुस्तिका, अपराध रजिस्टर और GD सहित सभी अभिलेखों की विस्तार से जांच की। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि अभिलेखों को अद्यतन रखा जाए और आगन्तुकों के साथ शिष्ट व विनम्र व्यवहार अपनाया जाए।
निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की स्वच्छता व अनुशासन व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए पुलिसकर्मियों को वर्दी में सुसज्जित रहने, समयबद्ध ड्यूटी पालन करने और जनसुनवाई में संवेदनशील रवैया अपनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही दोनों अधिकारियों ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने थाना क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने, शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए भी आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
]]>आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में क्षेत्राधिकारी नगर और सगड़ी ने क्रमशः थाना रानी की सराय और थाना रौनापार का त्रैमासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थानों की कार्यप्रणाली, अभिलेख, स्वच्छता, अनुशासन और जनसुनवाई पर विशेष ध्यान दिया गया।
गुरुवार को थाना रानी की सराय में क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी तथा थाना रौनापार में क्षेत्राधिकारी सगड़ी श्री अनिल कुमार वर्मा ने थानों का त्रैमासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों थानों के कार्यालय, मालखाना, कम्प्यूटर कक्ष, हवालात, महिला हेल्प डेस्क, अभिलेखागार, आगन्तुक पंजी, बीट पुस्तिका, अपराध रजिस्टर और जी.डी. का सूक्ष्म अवलोकन किया गया।
क्षेत्राधिकारी ने थानों के सभी अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा आगंतुकों के साथ विनम्र व्यवहार करने के निर्देश दिए। थाना परिसर की स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिसकर्मियों को वर्दी में सुसज्जित रहने, समयबद्ध ड्यूटी पालन करने और जनसुनवाई में संवेदनशील रवैया अपनाने हेतु प्रेरित किया गया।
इसके अलावा, लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण हेतु दिशा-निर्देश दिए गए। सक्रिय अपराधियों पर निगरानी, शांति व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश जारी किए गए।
]]>निरीक्षण के क्रम में जिला कारागार आजमगढ़ का दौरा भी किया गया। कारागार में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। शौचालय की सफाई कराने के निर्देश दिए गए और रसोईघर की व्यवस्थाओं की जांच की गई। इसके पश्चात जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जहां मरीजों से मिलकर उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली गई और व्यवस्थाओं को सही पाया गया।
अध्यक्षा के रूप में कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नवजात कन्याओं का स्वागत रोली-चंदन, उपहार स्वरूप बेबी किट, कम्बल, मिठाई और माला पहनाकर किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को स्वालम्बी और आत्मनिर्भर बनने के लिए जागरूक किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा महिला कल्याण विभाग की योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, महिला थानाध्यक्ष, जिला प्रोबेशन अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के सभी कर्मी उपस्थित रहे।
]]>महिला जनसुनवाई कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी, महिला थानाध्यक्ष सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे, ताकि महिलाओं की शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा सके। इच्छुक महिलाएं अपनी समस्याओं के साथ जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय, आजमगढ़ से संपर्क कर कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकती हैं।
कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी या सहयोग के लिए वन स्टॉप सेंटर आजमगढ़ की केंद्र व्यवस्थापक श्रीमती सरिता पाल के मोबाइल नंबर 6393397509 पर संपर्क किया जा सकता है।
इसके अलावा, उसी दिन अपराह्न 2:00 बजे से ब्लॉक रानी की सराय में श्रीमती प्रियंका मौर्या की अध्यक्षता में जागरूकता चौपाल, स्वास्थ्य शिविर और जनसुनवाई भी आयोजित की जाएगी।
]]>इसके पश्चात दोपहर 2ः00 बजे से सायं 6ः00 बजे तक डॉ0 प्रियंका मौर्या जिला अस्पताल का निरीक्षण करेंगी।
इसी क्रम में सात नवम्बर को पूर्वान्ह 11ः00 बजे वह जिला कारागार आजमगढ़ का निरीक्षण करेंगी।