मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की अदालत कर रही है। मामला आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र का है। माहुल कस्बे में 21 फरवरी 2022 को जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के एक दिन बाद 22 फरवरी 2022 को माहुल कस्बे में स्थित देशी शराब के ठेके पर छापा मारकर पुलिस ने चार पेटी मिलावटी शराब बरामद की थी।
इस मामले की तीन एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसमें पहली एफआईआर विजय सोनकर ने 21 फरवरी, 2022 को, दूसरी नीरज सिंह ने 22 फरवरी, 2022 व तीसरी राजेंद्र प्रसाद ने 22 फरवरी, 2022 को दर्ज कराई थी। सपा विधायक रमाकांत यादव का नाम शराब कांड के 14वें आरोपी के रूप में सात महीने बाद शामिल किया गया। इन पर शराब कांड के अभियुक्त रंगेश यादव को सपा नेता का रिश्तेदार बताते हुए उसे संरक्षण देने का आरोप लगा था।
एक ही मामले में दर्ज तीन मुकदमों व उसके लंबित अपराधिक कार्यवाही की वैधानिकता को चुनौती देते हुए सपा नेता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने दलील दी कि तीनों मामलों का ट्रायल साक्ष्य के स्तर पर है। लिहाजा, इस स्तर पर याची किसी राहत का हकदार नहीं है। कोर्ट ने सरकार से चार हफ्ते में जवाब तलब करते हुए स्पष्ट किया है कि इस दौरान ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं रहेगी।
]]>आजमगढ़ के अहरौला में फरवरी 2022 में एक सरकारी दुकान पर बेची गई जहरीली शराब से नौ लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में पुलिस ने अहरौला व फूलपुर थाने में रमाकांत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने 11 दिसंबर 2024 को विधायक के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा भी दर्ज किया है। 30 जुलाई 2022 से जेल में बंद विधायक रमाकांत यादव की इस मामले में पहली जमानत अर्जी 28 फरवरी 2023 को खारिज हुई थी। इसके बाद यह दूसरी जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। नकली शराब मामले में सपा विधायक रमाकांत की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज हो गई।
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