जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने आदर्श नगर पंचायत कटघर, लालगंज में स्थापित 10 व्यक्तियों की क्षमता वाले रैन बसेरे का आकस्मिक निरीक्षण किया। रैन बसेरे में 05 महिलाओं और पांच पुरुषों के ठहरने की व्यवस्था है। निरीक्षण के दौरान रैन बसेरे की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। बाहर अलाव जलता हुआ मिला, जबकि अंदर बेडशीट और कंबलों की गुणवत्ता भी ठीक पाई गई।
निरीक्षण के समय जिलाधिकारी को बताया गया कि अभी तक यहां कोई भी व्यक्ति रात्रि में रुकने नहीं आया है। इसका कारण रैन बसेरे की रोडवेज से अधिक दूरी होना बताया गया, जिससे यात्री यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने बगल में स्थित हनुमानगढ़ी पोखरी का भी निरीक्षण किया। स्थानीय निवासियों ने पोखरी की साफ-सफाई तथा मंदिर के पास स्थित सरकारी जमीन से बहने वाले पानी की समस्या से जिलाधिकारी को अवगत कराया और समाधान की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार भी उपस्थित रहे।
आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बुधवार को ग्राम पंचायत रसूलपुर स्थित गौशाला तथा नगर पंचायत माहुल के खांजहांपुर कान्हा गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पशुओं की देखभाल, स्वच्छता और चारे की व्यवस्था का जायज़ा लिया।
डीएम ने पाया कि गौशालाओं में ठंड से बचाव के लिए तिरपाल की व्यवस्था की गई थी और साफ-सफाई भी संतोषजनक रही। पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता भी पाई गई। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं में नेपियर घास की बुवाई कराई जाए ताकि चारे की निरंतर उपलब्धता बनी रहे।
नगर पंचायत माहुल स्थित खांजहांपुर कान्हा गौशाला में निरीक्षण के दौरान डीएम ने बीमार पशुओं को अलग रखने और उनका समुचित इलाज पशु चिकित्सकों के समन्वय से कराने के निर्देश दिए। वहीं, गोबर गैस प्लांट निष्क्रिय पाया गया, जिस पर उन्होंने तत्काल प्लांट को सक्रिय कराने का आदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पशुओं को गुड़ और केला खिलाया तथा उनके लिए बनाई गई नाद (खुरली) का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गौवंशों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं।
निरीक्षण के समय मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सीओ फूलपुर किरन पाल सिंह, तथा प्रभारी निरीक्षक सच्चिदानंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
]]>जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे जनपद में 93 गौशालाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि सभी गौशालाओं में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मुख्यमंत्री की आकांक्षा के अनुसार गोवंशों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में रखा जा सके। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को खड़ंजे को उखाड़कर उसका लेवल सही करने और स्लोप इस प्रकार बनाने के निर्देश दिए कि बारिश का पानी रुकने न पाए। साथ ही गौशाला में ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि बीमार पशुओं को अलग रखा जाए और उनका समुचित इलाज कराया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ड्यूटी रजिस्टर एवं संरक्षित पशुओं के रजिस्टर का भी अवलोकन किया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला में संरक्षित पशुओं को गुड़ एवं केला खिलाया।
इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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