आजमगढ़। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में पीएम श्री राजकीय बालिका विद्यालय में जनपद स्तरीय विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन कर विद्यार्थियों के नवाचारों की सराहना की।
प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत मॉडलों का बारीकी से निरीक्षण किया और उनसे उनके प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कई मॉडल ऐसे हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि चयनित मॉडलों को उद्योग बंधु की बैठक में प्रस्तुत कराया जाए, ताकि उद्यमी इन्हें व्यवहारिक रूप दे सकें।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अखण्ड प्रताप सिंह (पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय, जीयनपुर) को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐप न्याय सेतु’ मॉडल के लिए मिला। द्वितीय स्थान आदर्श यादव (पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय, आजमगढ़) को ‘स्मार्ट डस्टबिन’ तथा तृतीय स्थान हिमांशु (वैष्णव दास हरिहर इंटर कॉलेज) को ‘स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम’ के लिए प्रदान किया गया। सांत्वना पुरस्कार अंकित यादव एवं मो. यूनुस (रफी मेमोरियल इंग्लिश स्कूल) को ‘स्मार्ट व्हीलचेयर’ तथा शेषनाथ शर्मा व लवकुश कुमार (श्री शंकर जी इंटर कॉलेज गहजी) को ‘स्मार्ट सेंसर युक्त पंखा’ मॉडल के लिए दिया गया।
विजेताओं को क्रमशः 5000, 3000, 2000 रुपये तथा सांत्वना पुरस्कार के रूप में 1000-1000 रुपये प्रदान किए गए। मूल्यांकन राजकीय पॉलिटेक्निक आजमगढ़ की तकनीकी समिति द्वारा किया गया। चयनित मॉडल मंडल और राज्य स्तर पर भी प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम में संयुक्त शिक्षा निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तायुक्त निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनसमस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण शासन की प्राथमिकता है।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 65 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मौके पर 15 प्रकरणों का निस्तारण कर दिया गया। प्राप्त प्रार्थना पत्रों में राजस्व विभाग से संबंधित 30, विकास विभाग के 15 और पुलिस विभाग के 20 मामले शामिल रहे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारी प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का शीघ्र एवं गुणवत्तायुक्त निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान प्रारंभिक स्तर पर ही कर दिया जाए तो जनता को मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा। इसलिए अधिकारीगण प्राथमिकता के आधार पर जनसमस्याओं का वास्तविक निस्तारण करें।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, उप जिलाधिकारी बूढ़नपुर नंदिनी शाह, तहसीलदार बूढ़नपुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
]]>जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित व गुणवत्तायुक्त निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पैमाइश से संबंधित विवादों में पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम बनाकर अवैध कब्जाधारियों को हटाया जाए तथा यदि कोई दबंग पैमाइश में बाधा डाले तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति फर्जी कागजातों के आधार पर गरीब की जमीन कब्जा या बेच देता है, तो जांच के बाद दोषी पाए जाने पर उसके विरुद्ध भू-माफिया के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों को निर्देश दिया कि जमीन से संबंधित विवादों का स्थायी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि विभागीय शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र व गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समस्याओं का समाधान प्रारंभिक स्तर पर ही हो जाए तो जनता को मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा। इसलिए अधिकारीगण प्रारंभिक स्तर पर ही जनसमस्याओं का वास्तविक निस्तारण करें।
इस अवसर पर कुल 88 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें राजस्व विभाग से 62, विकास विभाग से 9, पुलिस विभाग से 7 और अन्य विभागों से 10 मामले शामिल थे। कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी व तहसीलदार मार्टीनगंज सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
]]>
आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देशानुसार हरिऔध कला केंद्र में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी आजमगढ़ के सहयोग से राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एक मेगा कैम्प आयोजित किया गया। इसमें टीबी के लक्षण वाले संभावित रोगियों को निःशुल्क परामर्श, जांच और दवा वितरण की सुविधा दी गई।
मेगा कैम्प का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने फीता काटकर किया। इसके साथ ही ऑडिटोरियम में जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा 110 टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। जिलाधिकारी ने अपने गोद लिए दो टीबी मरीजों को स्वयं पोषण पोटली प्रदान की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने टीबी उन्मूलन के लक्ष्य हेतु चार प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया— उन्होंने कहा कि सभी संभावित रोगियों की निःशुल्क जांच प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध होनी चाहिए। सभी डायग्नोज्ड टीबी मरीजों को पर्याप्त दवा और निःशुल्क उपचार मिले। इलाजरत मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत ₹1000 प्रतिमाह की धनराशि डीबीटी से समय पर मिले। साथ ही समाज के गणमान्य लोग टीबी मरीजों को गोद लेकर प्रतिमाह पोषण पोटली दें, जिससे उनका पोषण स्तर बेहतर बना रहे और वे शीघ्र स्वस्थ हों।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के 275 अधिकारियों द्वारा टीबी मरीजों को गोद लिया गया है। उन्होंने सभी मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह, जिला विकास अधिकारी संजय सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वाई. प्रसाद, एसीएमओ डॉ. उमा शरण पांडेय, डॉ. मो. अजीज व डॉ. बी.पी. सिंह ने भी अपने विचार रखे और मरीजों को पोषण पोटली वितरित की।
इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के सभापति दिवाकर तिवारी, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य सदस्यों रविन्द्र नाथ राय, श्री रिजवान अहमद, संजय सिंह व राहुल सिंह ने भी मरीजों को पोटलियाँ प्रदान कीं।
]]>