उन्होंने जनपद व आसपास के लोगों से अपील की कि वे इस सुनहरे अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। मेले में विभिन्न विषयों पर उम्दा किताबें उपलब्ध हैं, साथ ही प्रसिद्ध लेखकों और प्रकाशनों की रचनाएं भी पाठकों के लिए रखी गई हैं। आजमगढ़ की धरती से जुड़े महान साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन, अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’, रामधारी सिंह दिनकर और मुंशी प्रेमचंद की कृतियां भी यहां मौजूद हैं।
जिलाधिकारी ने स्कूल व कॉलेज प्रबंधन से कहा कि हाईस्कूल से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक के छात्रों को मेले में अवश्य लाएं। छात्रों को किताबों पर न्यूनतम 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, ताकि वे अपनी पसंद की पुस्तकें खरीदकर पढ़ सकें। उन्होंने बताया कि यह मेला न सिर्फ ज्ञानवर्धन बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और जीवन में प्रेरणा पाने का भी बेहतरीन मंच है।
पर्यावरण मेले को लेकर उन्होंने बताया कि प्रवेश द्वार पर पुस्तक के आकार में बना पेड़ ज्ञान और प्रकृति के गहरे संबंध को दर्शाता है। हाल ही में तमसा नदी के पुनरोद्धार का कार्य किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है। वर्ष 2025 में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया, जबकि 2026 में जुलाई-अगस्त के दौरान लगभग 56 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।
उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में वन विभाग, जिला प्रशासन और सामाजिक प्रतिनिधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज और पर्यावरण दोनों के हित में हैं। मेले के दौरान प्रतिदिन विभिन्न विभागों द्वारा जनजागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
उद्घाटन समारोह में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन, डीएफओ आकांक्षा जैन, मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी व अतिथिगण मौजूद रहे।
इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर सामाजिक वानिकी प्रभाग आजमगढ़ द्वारा जीयनपुर रेंज स्थित ताल सलोना वेटलैंड पर विद्यार्थियों के साथ बर्ड वाचिंग कराई गई। साथ ही वेटलैंड और पक्षियों से जुड़े विषयों पर क्विज, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
मिली जानकारी के अनुसार जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक कुल 99.24 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है। विधानसभा क्षेत्र 343 अतरौलिया में 99.38%, 344 गोपालपुर तथा 345 सगड़ी में 100%, 346 मुबारकपुर में 99.37%, 347 आजमगढ़ में 99.92%, 348 निजामाबाद में 100%, 349 फूलपुर पवई में 99.64%, 350 दीदारगंज में 99.52%, 351 लालगंज में 96.40% और 352 मेंहनगर में 98.68% प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन सम्पन्न हुआ है।
जिलाधिकारी द्वारा स्वयं लालगंज, अतरौलिया, आजमगढ़ व अन्य कम प्रगति वाले बूथों का औचक निरीक्षण किया गया। कार्य में लापरवाही बरतने वाले बीएलओ, सुपरवाइजर व संबंधित कर्मचारियों पर विभागीय/अनुशासनिक कार्रवाई भी की गई, जिसके बाद SIR कार्य में तेजी आई। जिलाधिकारी प्रतिदिन सुबह 7 बजे से बूथ भ्रमण पर निकलते थे और दोपहर बाद कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई व बैठकें करते थे। उनके प्रयासों और योजनाबद्ध कार्यशैली से ससमय अपेक्षित प्रगति हासिल हुई।
समीक्षा में कम प्रगति वाले बूथों के निरीक्षण हेतु 27 नवंबर से 4 दिसंबर तक मुख्य विकास अधिकारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, एडीएम प्रशासन, मुख्य राजस्व अधिकारी, एसडीएम (न्यायिक) लालगंज, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा व जिला पंचायत राज अधिकारी को विधानसभावार नोडल अधिकारी बनाकर विशेष अभियान चलाया गया।
ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले हर पोलिंग बूथ पर बीएलओ और राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की बैठक होगी। जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में न हों, उनकी सूची बीएलओ द्वारा बीएलए को दी जाएगी और उनके सहयोग से शत—प्रतिशत डिजिटाइजेशन समय पर पूरा कराया जाएगा।
यदि किसी मतदाता को SIR से संबंधित कोई समस्या हो तो वे कलेक्ट्रेट भवन कक्ष संख्या-66 स्थित कंट्रोल रूम (05462-246398) या टोल-फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।
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