आज़मगढ़। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने बुधवार की सुबह 10 बजे जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें अस्पताल में कई कमियां मिली जिसमें सुधार का अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि झांसी में हुई घटना के बाद इस तरह लापरवाही देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉक्टर प्रियंका मौर्या ने जिला महिला चिकित्सालय की व्यवस्था को देखकर वह चौंक गईं।
उन्होंने इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय सिंह यादव से भी पूछताछ की और वहां भर्ती महिला मरीज व उनके परिजनों से भी जानकारी ली। कई गड़बड़ी मिलने पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया और कहा कि अगली बार जब वह आएंगी तो यहां पर व्यवस्था चुस्त दुरुस्त मिलनी चाहिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि झांसी में बीते दिनों जिस प्रकार से अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत हुई थी।
उसको लेकर सबसे पहले सिलेंडर की जांच की गई। सिलेंडर में मैन्युफैक्चरिंग डेट तो लिखी मिली लेकिन एक्सपायरी डेट नहीं लिखा था। जोकि लिखा होना चाहिए था। इसके अलावा भर्ती महिला मरीज से उन्होंने बात की गई तो उन्होंने बताया कि टीका लगवाने का यहां पर 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक वसूली की जाती है। जबकि यह निशुल्क सरकार के द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा उनके सामने ही परिसर में गलियारों में कुत्ते घूमते नजर आए।
दो डॉक्टर भी उपस्थित नहीं थी और इसकी किसी को जानकारी भी नहीं थी। इस बारे में जांच का निर्देशप दिया है। यहां की व्यवस्था पर उन्होंने सवाल खड़ा किया और कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधा को बढ़ाने के लिए तमाम कार्य कर रही है लेकिन हकीकत में जो है, वह देखा जा सकता है। इसलिए व्यवस्था में जल्द सुधार लाने का निर्देश दिया है।
]]>रिपोर्ट:अरूण यादव
आजमगढ। दीपावली के दिन जिला महिला अस्पाताल में इमरजेंसी सेवा सुचारू रूप से चलेगी जबकि ओपीडी सेवा पूर्णतः बंद रहेगी। इसके साथ ही जिला महिला अस्पताल में सीएमएस ने लोगों से अपील किया कि दिवाली का त्यौहार हर्शो उल्लास के साथ मनाए लेकिन तेज आवाज वाले पटाखों को अस्पताल परिसर के आस-पास न फोड़े।
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डा0 विनय कुमार यादव ने दीपावली की शुभकामना देते हुए बताया कि इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे सातों दिन अनवरत चलती रहती है। दीपावली पर ही आपातकालीन सेवाएं चलती रहेगी। त्यौहार के कारण केवल ओपीडी सेवा पूर्णतः बंद रहेगी। इमरजेंसी सेवा के लिए सभी चिकित्सक के साथ वे स्वयं उपस्थित रहेगें।
उन्होंने बताया कि दिवाली पर पटाखे जलाते समय आंखों की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। बच्चे पटाखे को नजदीक से और सीधे न जलाएं। पटाखे जलने से होने वाले प्रदूषण से बच्चों व सांस के साथ ही अन्य रोगियों की परेशानी बढ़ सकती है । इस दिन हो सके तो बाहर न निकले अगर निकलना पड़ रहा है तो मास्क जरूर लगाएं।
उन्होने बताया कि इस समय मौसम बदलता है। जिससे बच्चे बीमार पड़ते है। उन्होने कहा कि इस समय यह प्रथा रहती है कि बच्चों को सुबह धूप दिखाए लेकिन यह फायदा की जगह नुकसान करता है। बच्चें को मां की गोद में ही रहने दे। उन्होने बताया कि बच्चों को काजल व कान में तेल भी न डाले।
उन्होने लोगों से अपील किया कि दीपावली पर तेज आवाज में पटाखे न छोड़े। खासकर हमारे ही अस्पताल नहीं बल्कि किसी भी अस्पताल के आस-पास तेज आवाज में पटाखे न छोड़े। तेज आवाज में पटाखा छोड़ने से बच्चों व मरीजों को परेशानी होती है।
आजमगढ़। जिले के जिला महिला अस्पताल परिसर के सरकारी आवासों में लोग अवैध कब्जा जमाए हुए है। स्थानांतरण के तीन साल बाद भी एक डॉक्टर ने सरकारी आवास नहीं छोड़ा है। इसके साथ ही एक कर्मचारी ने स्थानांतरण के बाद अपने आवास में किराएदार रख कर कब्जा किया है। अस्पताल के सीएमएस ने एडी कार्यालय से अवंटित सरकारी आवास की सूची मांगी है। जिला महिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों को रहने के लिए सरकारी आवास की व्यवस्था की गई। यहां पर कुछ आवासों पर अवैध कब्जा है। आवास न होने से अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को बाहर रहना पड़ रहा है। जिला महिला अस्पताल में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद असलम का स्थानांतरण जुलाई 2021 में कन्नौज जनपद में हो गया। जिला महिला अस्पताल से उन्हें रीलीज भी कर दिया गया है। तीन साल का समय बीतने के बाद भी डॉक्टर ने सरकारी आवास नहीं छोड़ा है। महिला अस्पताल परिसर के सरकारी आवास पर उनका कब्जा है। इस संबंध में सीएमओ डा़ इंद्र नारायण तिवारी ने बताया कि इस मामले को संज्ञान में लिया गया है। एडी स्तर पर जांच के लिए सीएमएस को निर्देशित किया गया है। जो भी कार्यवाही होगी उसको फालो किया जाएगा। वर्तमान में डा. असलम सहित कुछ कर्मचारी है जो स्थानांतरण के बाद भी जमे हुई है। जैसे ही एडी स्तर से कार्यवाही की सूचना मिलती है। तत्काल आवास खाली कराया जाएगा। यदि जो लोग आवास खाली नहीं करते है तो बलपूर्वक खाली कराया जाएगा।
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