झारखंड । झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नीत गठबंधन सरकार की विदाई के बाद नई सरकार बनेगी या वे वापसी करेंगे? इस सवाल का जवाब आज मतगणना के बाद मिल जाएगा। दोपहर होते-होते 81 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत मिलने की तस्वीर साफ हो जाएगी।
झारखंड में इंडिया ब्लॉक बहुमत पार कर गया है। गठबंधन 51 सीटों पर आगे हैं। हेमंत सोरेन सत्ता में वापसी करने जा रहे हैं। लेकिन उनकी पत्नी कल्पना सोरेन गांडेय विधानसभा सीट से लगभग 4500 वोटों से पीछे चल रही है। वहीं, एनडीए गठबंधन 28 सीटों पर आगे चल रहा है। अन्य दो सीटों पर आगे है।
]]>गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमला करते हुए कहा कि वह ‘कांग्रेस की मदद से पिछले दरवाजे से मुसलमानों को आरक्षण देने की तैयारी कर रहे हैं।’ शाह ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा इस तरह की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी। शाह ने झारखंड में आदिवासियों की घटती हुई आबादी के लिए भी हेमंत सोरेन को जिम्मेदार ठहराया।
‘मुस्लिमों को आरक्षण देने की तैयारी’
झारखंड के दुमका में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि ‘हेमंत सोरेन कांग्रेस की मदद से पिछले दरवाजे से मुस्लिमों को आरक्षण देने की कोशिश कर रहे हैं। मैं चेतावनी देता हूं कि भाजपा हेमंत सोरेन और राहुल गांधी की ऐसी किसी भी योजना को सफल नहीं होने देगी।’ उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार वोट बैंक के लिए घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है। शाह ने आरोप लगाया कि ‘हेमंत सोरेन आदिवासी आबादी में गिरावट के लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि वह घुसपैठियों को झारखंड में घुसने और आदिवासी महिलाओं से शादी करने दे रहे हैं। इसकी वजह से घुसपैठिए यहां आदिवासियों की जमीन छीन रहे हैं।’
मोदी सरकार ने 10 साल में दिए 3.90 लाख करोड़
अमित शाह ने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में झारखंड को 10 साल में 84,000 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को 3.90 लाख करोड़ रुपये दिए। उन्होंने कहा ‘हेमंत सोरेन भ्रष्टाचार और धन की लूट में लिप्त रहे, लेकिन 23 नवंबर को उनकी विदाई तय है। सत्ता के लालच ने हेमंत सोरेन को राजद-कांग्रेस की गोद में बैठने के लिए मजबूर किया, जिन्होंने झारखंड के निर्माण का ही विरोध किया था। शाह ने वादा किया कि सत्ता में आने के बाद भाजपा राज्य में उद्योग स्थापित करेगी, जिससे झारखंड के युवाओं को आजीविका की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
झारखंड को नक्सलवाद से मुक्त किया
अमित शाह ने कहा कि भाजपा सरकार परियोजनाओं के लिए लोगों को विस्थापित करने से पहले उनके पुनर्वास के लिए योजनाओं को सुनिश्चित करेगी। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में झारखंड को नक्सलवाद से मुक्त किया गया और जो कुछ भी बचा है, उसे मार्च 2025 तक खत्म कर दिया जाएगा।
इस पर मैंने दो टूक कहा था कि कोई बात नहीं, एक बार आर-पार हो ही जाए, फिर देखा जाएगा। अब उत्तर प्रदेश में कोई दंगा नहीं, सब कुछ ठीक है।”
पहले सरकारें कांवड़ यात्रा नहीं निकालने देती थीं
मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा, “अयोध्या राम मंदिर का मामला जब न्यायालय में था, तब ये पत्थरबाज कहते थे कि यदि अयोध्या का फैसला हुआ तो खून की नदियां बहेंगी। हमने कहा था कि आप गफलत में हैं, यह नया भारत है, यह उत्तर प्रदेश है जो खून की नदियां नहीं बहने देता। जो निर्दोष नागरिकों, निर्दोष हिंदुओं को परेशान करता है, हम उन्हें नहीं छोड़ते। अब प्रदेश में न तो कर्फ्यू है और न ही दंगा, सब कुछ शांति है।” उन्होंने यह भी कहा, “2017 से पहले सरकारें कांवड़ यात्रा नहीं निकालने देती थीं, किन्तु जब हमारी सरकार आई, तो हमने कहा कि कांवड़ यात्रा निकालने दी जाएगी। लोग कहते थे कि इससे दंगा हो जाएगा, किन्तु हमने स्पष्ट कह दिया कि एक बार आर-पार हो जाए, फिर देखा जाएगा। अब आप देखते हैं कि चार करोड़ लोग कांवड़ यात्रा निकालते हैं और कोई परेशानी नहीं होती।”
जातियों में मत बंटीए,जब भी बंटे हैं, निर्ममता से कटे हैं
झारखंड में चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “अपनी ताकत का एहसास करवाइए, जातियों में मत बंटिए। जाति के नाम पर कुछ लोग आपको बांटना चाहते हैं, कांग्रेस और विपक्ष यही काम करते हैं। ये लोग बांग्लादेशी घुसपैठियों एवं रोहिंग्याओं को बुला रहे हैं। एक दिन ये लोग आपको घर में घंटी और शंख बजाने भी नहीं देंगे। इसलिए एकजुट रहिए और नेक रहिए। मैं तो कहता हूं कि देश का इतिहास गवाह है, जब भी बंटे हैं, निर्ममता से कटे हैं।”
अंत में मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “2017 के पश्चात् उत्तर प्रदेश में जो बुलडोजर चला, उसके बाद से कुछ लोग जेल में हैं और कुछ का राम नाम सत्य हो गया है। उत्तर प्रदेश से माफिया का सफाया हो गया है, जैसे गधे के सिर से सींग गायब हो जाता है।”
]]>मध्य प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र की तरह ही इंडिया गठबंधन के दलों ने झारखंड में भी सपा को कोई सीट नहीं दी। हरियाणा के चुनाव में तो सपा ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे, लेकिन महाराष्ट्र के बाद अब झारखंड में भी अपने प्रत्याशी दे दिए हैं। झारखंड में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा से सीटों के बंटवारे पर सपा अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष व्यासजी गोंड वार्ता कर रहे थे। वे बताते हैं कि ऐन वक्त पर उन्हें सीटें देने से इन्कार किया गया। झामुमो ने पहले कहा कि कांग्रेस के कोटे में से सपा सीट ले। कांग्रेस से बात की तो उसने भी कह दिया कि उसे अपने कोटे से राजद को सीटें देनी पड़ रही हैं। इस टालमटोल के चलते पहले सपा को आश्वासन मिले, लेकिन अंतत: उसके हाथ कुछ नहीं आया।
इस पर सपा ने पहले चरण की 11 सीटों गढ़वा, बरही, मनिका, हुसैनाबाद, भनवाथपुर, छतरपुर, विश्रामपुर, जमशेदपुर, बरकट्ठा, बड़कागांव और कांके में प्रत्याशी उतार दिए हैं। इसके अलावा दूसरे चरण की 10 सीटों पाकुड़, महेशपुर, जरमुंडी, राजमहल, बोरयो, सारठ, जमुआ, निरसा, टुंडी और बाघमारा में भी प्रत्याशियों के नामों का एलान कर दिया है। सपा के झारखंड प्रभारी गोंड ने कहा कि राज्य की पांच सीटों पर सपा बहुत ही मजबूती से लड़ रही है। इस बार उसे झारखंड में भी सफलता मिलेगी।
महाराष्ट्र में 10 सीटों पर सपा मैदान में
महाराष्ट्र में अब तक सपा 10 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार चुकी है। ये सीटें हैं- मानखुर्द शिवाजी नगर, भिवंडी पूर्व, मालेगांव मध्य, धुले शहर, भिवंडी पश्चिम, तुलजापुर, परांडा, औरंगाबाद पूर्व, भायखला समेत कुल दस सीटें। वहां सपा गठबंधन के तहत 12 सीटें मांग रही थी। बात न बनने पर अपने प्रत्याशी दे दिए।